राम मंदिर ट्रस्ट के खाते से निकाले लाखों रुपए, जानिए जालसाज कैसे करते थे ठगी

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में जालसाजी बड़े स्तर पर अपना पैर जमा लिया है और इस रोकने में शासन और प्रशासन दोनों विफल साबित हो रहे हैं। बढ़ती जालसाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भगवान राम की नगरी अयोध्या में हो रहे श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए बैंक में खाता खोला गया है चंदा एकत्रित करने के लिए। यह काता राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम से बैंक खाता खोला गया है। ट्रस्ट के इस खाते क्लोन चेक बनाकर कुछ जालसाजो ने लाखों रूपए निकाल लिए। पैंसा निकाने की यह घटना पहली बार नहीं हुई है यह तीसरी बार था जब मामला प्रकाश में आया। खबरों के मुताबिक जब जालसाज द्वारा तीसरी बार धनराशि  निकालने की कोशिश की गई तो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को बैंककर्मी द्वारा फोन करके सूचित किया गया। जिसके बाद उन्होंने किसी भी प्रकार का भुगतान करने से माना कर दिया।  इसके बाद ट्रस्ट ने अयोध्या कोतवाली में जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।

दरअसल, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खाते के क्लोन चेक के द्वारा जालसाजों ने लखनऊ के एक बैंक से पीछले एक 1 सितंबर को ढाई लाख फिर इसके दो दिन बाद बाद ही साढ़े तीन लाख रुपये की निकासी की गई, इसके बाद फिर जब जालसाजों ने 9 लाख 86 हजार का चेक राजधानी लखनऊ के बैंक ऑफ बड़ौदा में लगाया गया तो बैंक की तरफ से वेरीफिकेशन के लिए ट्रस्ट को फोन किया गया। जिसके बाद ट्रस्‍ट ने किसी भी प्रकार की भुगतान से रोक दिया। खबरों के मुताबकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से अबतक लगभग छह लाख रुपये की धनराशि निकाली जा चुकी है। जब मामले की जानकारी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को मिली तो उन्होंने बैलेंस चेक किया तो सामने आया कि करीब छह लाख रुपए खाते से निकाली जा चुकी है।

जिसके तुरंत बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस मामले की जानकारी अयोध्या पुलिस को देते हुए मुकदमा कायम कराया। ट्रस्ट के खाते के साथ हुई जालसाजी के इस घटना पर क्षेत्राधिकारी राजेश राय ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जानकारी दी गई थी की एक ढाई लाख और एक साढ़े तीन लाख का क्लोन चेक लगा कर ट्रस्ट के खाते से  धनराशि खाते निकाले जाने की बात कही गई। ट्रस्ट की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की जा रही है।

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