नीतीश सरकार का चुनावी स्टंट, शिक्षकों को दिया बड़ा चुनावी तोहफा, अप्रैल 2021 से मिलेगा लाभ

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के शिक्षकों को कोरोना काल में एक बड़ा तोहफा दिया है। दरसअल इन शिक्षकों के मूल वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिसका लाभ ये शिक्षक आने साल के अप्रैल माह से यानि एक अप्रैल 2021 से छठा सकेंगे। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने शनिवार को एक आदेश जारी करके बताया। वहां इसे नीतीश सरकार का चुनावी स्टंट भी बताया जा रहा है। आपको बता दें कि बीते कुछ दिन पहले ही इन शिक्षकों की नई सेवाशर्त नियमावली को राज्य सरकार की कैबिनेट की मंजूरी मिल गई थी। जिसके अनुसार साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षकों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का लाभ सितंबर, 2020 से ही दिया जाएगा।

आपको बता दें कि बिहार की समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत काम करने वाले शिक्षकों के जुलाई और अगस्त के वेतन के लिए 1560 करोड़ जारी होंगे। जिसके लिए नीतीश कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। वहीं राज्य के प्रस्वीकृति प्राप्त 47 संस्कृति विद्यालयों में स्वीकृत पदों के विरुद्ध 15 फरवरी 2011 के पूर्व विधिवत रूप से नियुक्त शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों को छठे एवं सातवें वेतन संरचना के अनुरूप पुनरीक्षत दर से अनुदान देने की मंजूरी कैबिनेट ने दी है। वहीं पुनर्बहाल स्वीकृति प्राप्त संस्कृत विद्यालयों में 15 फरवरी 2011 के बाद स्वीकृत पद के विरुद्ध नियुक्त शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों को पांच मार्च 2019 के प्रभाव से नवीन वेतन संरचना में नए दर से वेतन की स्वीकृति दी गई।

इतना ही नहीं सरकार ने महिला और दिव्यांग शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों को अपने नियोजन इकाई तथा अपने जनपद से बाहर एक बार ऐच्छिक स्थानांतरण का लाभ मिलेगा। वहीं पुरुष शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों आपसी सहमति से इसका लाभ ले सकेंगे। आरके महाजन ने जानकारी देते हुए बताया कि कई महिला शिक्षक थी, जो शादी से पहले से नियुक्त थी, पर बाद में उन्हें दिक्कत होने लगी। इस फैसले से ऐसी महिला शिक्षकों को भी काफी लाभ होगा। प्राथमिक से मध्य विद्यालय तथा माध्यमिक विद्यालय से उच्च माध्यमिक विद्यालय में योग्य शिक्षकों की प्रोन्नति होगी। मध्य और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 50 प्रतिशत पद प्रोन्नति से ही भरे जाएंगे। वे प्रचार्य भी बन सकेंगे।

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