Rajya Sabha Election: यूपी राज्यसभा चुनाव में तीसरे नाम पर सस्पेंस, अखिलेश बोले- संख्या पूरी होते ही खुलेगा पत्ता

Rajya Sabha Election: सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी को बनाया उम्मीदवार, तीसरे प्रत्याशी के लिए समर्थन जुटाने के बाद फैसला संभव

Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने प्रदेश की सियासत को एक बार फिर गर्म कर दिया है। समाजवादी पार्टी ने चुनावी मैदान में अपने दो उम्मीदवार उतार दिए हैं, लेकिन तीसरे प्रत्याशी के नाम को अभी गोपनीय रखा गया है। पार्टी की ओर से प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी ने नामांकन दाखिल कर दिया है। दोनों के नामांकन के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद रहे।

तीसरे उम्मीदवार को लेकर जब अखिलेश यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट नाम बताने के बजाय कहा कि जैसे ही संख्या पूरी हो जाएगी, तीसरे उम्मीदवार का भी ऐलान कर दिया जाएगा। इससे संकेत मिला है कि पार्टी तीसरे नाम की घोषणा से पहले जरूरी समर्थन और चुनावी गणित को लेकर स्थिति स्पष्ट करना चाहती है।

दो प्रत्याशियों के बाद तीसरे नाम पर नजर

सपा ने पहले उम्मीदवार के तौर पर अपने राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव को मैदान में उतारा है। वहीं दूसरे उम्मीदवार के रूप में धनराज परिमल नथवानी का नाम सामने आया है। नथवानी का राजनीतिक प्रोफाइल सपा के पारंपरिक उम्मीदवारों से अलग है और वह कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उनके चयन को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा हुई है।

अब तीसरे प्रत्याशी के नाम को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। मीडिया रिपोर्टों में पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी के नामों का उल्लेख हुआ है। हालांकि, इन नामों पर सपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है।

2024 में भी सामने आया था आलोक रंजन का नाम

आलोक रंजन का नाम राज्यसभा चुनाव के लिहाज से सपा के लिए नया नहीं है। वर्ष 2024 में भी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया था। उस चुनाव में सपा के कुछ विधायकों की क्रॉस वोटिंग के बाद उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

इसी वजह से इस बार भी अगर उनका नाम सामने आता है तो चुनावी गणित और पार्टी के अंदर समर्थन जुटाने की रणनीति महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सपा तीसरे प्रत्याशी के रूप में किसे मैदान में उतारेगी।

धनराज नथवानी को टिकट देने पर अखिलेश ने क्या कहा?

धनराज परिमल नथवानी के चयन ने भी राजनीतिक चर्चा को नया विषय दिया है। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ कॉरपोरेट कार्यकारी हैं और खेल प्रशासन समेत विभिन्न संस्थागत गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं।

अखिलेश यादव ने नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने के पीछे उद्योग और निवेश से जुड़े विषयों का उल्लेख किया। उन्होंने समाजवाद और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों को समझने की बात कही और कहा कि देश तथा प्रदेश में समृद्धि लाने के लिए उद्योग जगत और निवेश की भूमिका महत्वपूर्ण है।

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ संवाद बढ़ने से प्रदेश में कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसी संदर्भ में उन्होंने पार्टी की ओर से कारोबार बढ़ाने की दिशा में काम करने की बात कही।

16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव

निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान की तारीख तय की है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है।

सपा के सामने फिलहाल दो उम्मीदवारों के नाम स्पष्ट हैं। तीसरे उम्मीदवार को लेकर पार्टी के भीतर विचार-विमर्श जारी है। ऐसे में नामांकन की अंतिम प्रक्रिया के बीच तीसरे चेहरे की घोषणा पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

तीसरी सीट के लिए क्यों महत्वपूर्ण है संख्या का गणित?

राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं और उम्मीदवारों की जीत के लिए निर्धारित कोटा हासिल करना होता है। उत्तर प्रदेश में 403 सदस्यीय विधानसभा होने के कारण हर सीट के लिए वोटों का गणित महत्वपूर्ण हो जाता है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर सपा के लिए दो सीटों का गणित अपेक्षाकृत स्पष्ट माना जा रहा है, जबकि तीसरे उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी।

यही वजह है कि अखिलेश यादव के ‘संख्या पूरी होने’ वाले बयान को चुनावी गणित से जोड़कर देखा जा रहा है। तीसरे उम्मीदवार का नाम सामने आने से पहले पार्टी किन विधायकों या सहयोगी दलों के समर्थन पर भरोसा करती है, यह चुनाव का अहम पहलू होगा।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बोले अखिलेश

राज्यसभा चुनाव के साथ ही उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां भी चर्चा में हैं। अखिलेश यादव से जब आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जो गठबंधन पहले था, वही आगे भी रहेगा।

हालांकि गठबंधन के भविष्य, सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर अभी विस्तृत घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के दौरान दलों के बीच बनने वाले समीकरणों पर भी राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।

राकेश सचान से मुलाकात पर अखिलेश ने दी प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान से अपनी मुलाकात के सवाल पर अखिलेश यादव ने इसे राजनीतिक बदलाव से जोड़ने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि नेताओं से मुलाकात होना अपने आप में राजनीतिक समीकरण बदलने का संकेत नहीं है।

अखिलेश ने इस दौरान प्रदेश सरकार को लेकर अपना राजनीतिक दावा भी दोहराया और कहा कि आने वाले समय में जनता सरकार बदलेगी। यह बयान उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और 2027 के विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में दिया।

अब किस नाम पर लगेगी अंतिम मुहर?

सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी को मैदान में उतारकर अपने दो उम्मीदवारों की स्थिति साफ कर दी है। अब तीसरे प्रत्याशी के नाम की घोषणा बाकी है। पार्टी की ओर से अभी तक किसी संभावित नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

अखिलेश यादव के बयान से इतना जरूर स्पष्ट हुआ है कि तीसरे उम्मीदवार का ऐलान समर्थन के आंकड़े और चुनावी गणित को ध्यान में रखकर किया जाएगा। ऐसे में तीसरे नाम के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सपा उसके पक्ष में जरूरी संख्या कैसे जुटाती है। 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले राज्यसभा चुनाव की यह कवायद उत्तर प्रदेश की सियासत में आगे के समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है।

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