Cooler Care: कूलर पर बार-बार लग रही जंग? सिर्फ पेंट कराना नहीं है समाधान, इन आसान तरीकों से करें बचाव

Cooler Care: पानी, नमी और धातु के लगातार संपर्क से बढ़ सकता है जंग का खतरा, कूलर की बॉडी को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय

Cooler Care: गर्मी के मौसम में कूलर घरों और दुकानों में लगातार चलता है। कूलिंग के लिए इसमें पानी भरा जाता है और यही पानी कई बार कूलर की लोहे की बॉडी के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। खासकर पुराने कूलरों में पानी की ट्रे, नीचे का हिस्सा, कोने और जोड़ वाली जगहों पर जंग तेजी से दिखाई देने लगती है।

कई लोग जंग हटाकर कूलर पर दोबारा पेंट करा देते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उसी जगह फिर से लाल-भूरी परत नजर आने लगती है। इसकी वजह सिर्फ खराब पेंट नहीं होती। धातु की सतह पर नमी और पानी लंबे समय तक मौजूद रहने के साथ-साथ पानी में घुले कुछ तत्व भी corrosion को प्रभावित कर सकते हैं। USGS के अनुसार पानी की corrosivity पर chloride, pH और dissolved solids जैसे कई कारकों का असर पड़ सकता है।

आखिर पेंट के बाद भी क्यों नहीं रुकती जंग?

कूलर की लोहे की बॉडी पर लगाया गया पेंट धातु और नमी के बीच एक सुरक्षा परत का काम करता है। लेकिन अगर पेंट के नीचे पहले से जंग मौजूद हो, सतह ठीक से साफ न की गई हो या इस्तेमाल के दौरान पेंट पर खरोंच आ जाए, तो पानी उस हिस्से तक पहुंच सकता है।

एक बार धातु की सतह लगातार नमी के संपर्क में आने लगे तो वहां corrosion की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यही कारण है कि बिना सतह तैयार किए सिर्फ ऊपर से पेंट कर देना लंबे समय का समाधान नहीं माना जा सकता।

कूलर में इन जगहों पर सबसे पहले नजर डालें

जंग की शुरुआत अक्सर उन हिस्सों से होती है जहां पानी रुकता या जमा होता है। इसलिए कूलर की सफाई के दौरान इन जगहों को जरूर देखें—

  • पानी की टंकी और ट्रे
  • कूलर का निचला हिस्सा
  • पानी निकासी वाला क्षेत्र
  • कोनों और किनारों की धातु
  • स्क्रू और जोड़ वाली जगहें
  • जहां पेंट उखड़ चुका हो
  • ऐसी जगहें जहां पानी लंबे समय तक जमा रहता हो

पानी की क्वालिटी का भी हो सकता है असर

पानी में कई तरह के घुले हुए पदार्थ मौजूद होते हैं। इन्हें समझने के लिए TDS यानी Total Dissolved Solids का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड, सल्फेट और दूसरे घुले हुए घटक शामिल हो सकते हैं।

USGS के मुताबिक dissolved solids की मात्रा बढ़ने पर कुछ परिस्थितियों में mineral deposits और corrosion जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि सिर्फ TDS की एक संख्या देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी कूलर में जंग जरूर लगेगी, क्योंकि पानी का pH और उसमें मौजूद अलग-अलग आयन भी महत्वपूर्ण होते हैं।

TDS मीटर से क्या पता चलता है?

अगर आपको अपने घर के पानी की गुणवत्ता का सामान्य अंदाजा लगाना है तो डिजिटल TDS मीटर से पानी में मौजूद dissolved solids का अनुमान लगाया जा सकता है। उदाहरण के लिए 100 ppm की रीडिंग लगभग 100 मिलीग्राम प्रति लीटर dissolved solids के बराबर बताई जाती है।

लेकिन ध्यान रखें कि TDS मीटर पानी की पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। पानी पीने योग्य है या नहीं, यह जानने के लिए जरूरत पड़ने पर अन्य गुणवत्ता मानकों की भी जांच करनी होती है।

जंग लग गई है तो सीधे पेंट न करें

कूलर में जंग दिखाई देने के बाद सबसे आम गलती होती है कि लोग उसी के ऊपर पेंट कर देते हैं। ऐसा करने के बजाय पहले प्रभावित हिस्से की सतह तैयार करें।

सही तरीका:

  1. कूलर से पानी पूरी तरह निकालें।
  2. जंग वाली जगह को सूखने दें।
  3. वायर ब्रश या उपयुक्त सैंडपेपर से ढीली जंग और उखड़ा हुआ पेंट हटाएं।
  4. सतह को साफ करके पूरी तरह सूखने दें।
  5. जरूरत के अनुसार एंटी-रस्ट प्राइमर या उपयुक्त मेटल प्राइमर लगाएं।
  6. इसके बाद अच्छी क्वालिटी का मेटल पेंट लगाएं।
  7. पेंट के बाद कूलर को तब तक पानी के संपर्क में न लाएं जब तक कोटिंग अच्छी तरह सूख न जाए।

अगर धातु बहुत ज्यादा गल चुकी है या उसमें छेद बन गया है, तो केवल पेंट करना पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे हिस्से की मरम्मत या धातु बदलने की जरूरत पड़ सकती है।

कूलर को लगातार गीला छोड़ना पड़ सकता है भारी

कूलर का इस्तेमाल खत्म होने के बाद उसमें पानी भरा छोड़ देना लंबे समय तक सही आदत नहीं है, खासकर तब जब कूलर कई दिनों तक इस्तेमाल नहीं होना हो।

ऑफ-सीजन में कूलर को अच्छी तरह साफ करके पानी निकाल दें और पूरी तरह सुखाकर रखें। इससे लगातार नमी बनी रहने की संभावना कम होगी और धातु के हिस्सों पर corrosion का खतरा भी घट सकता है।

पेंट से पहले Surface Preparation सबसे जरूरी

कूलर को जंग से बचाने में पेंट की क्वालिटी महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे पहले सतह की तैयारी और भी जरूरी है। अगर पुरानी जंग, धूल, नमी या उखड़ा हुआ पेंट सतह पर रह गया तो नई कोटिंग ठीक से टिक नहीं पाएगी।

इसलिए पेंट कराने से पहले लोहे की सतह को साफ, सूखा और जितना संभव हो उतना जंग-मुक्त रखना चाहिए।

पानी जमा होने वाले हिस्से की नियमित सफाई करें

कूलर की पानी वाली ट्रे और नीचे के हिस्से में गंदगी, खनिजों की परत और नमी जमा हो सकती है। समय-समय पर इन हिस्सों की सफाई करें और पानी जमा होने की वजह तलाशें।

अगर किसी जगह पर बार-बार पानी रुक रहा है तो केवल जंग साफ करने के बजाय उस समस्या का समाधान करना ज्यादा जरूरी है।

कूलर की उम्र बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आदतें

  • लंबे समय तक पानी भरा हुआ कूलर न छोड़ें।
  • पानी की ट्रे और निचले हिस्से की नियमित सफाई करें।
  • पेंट उखड़ने या खरोंच आने पर उस जगह को नजरअंदाज न करें।
  • जंग की शुरुआत होते ही उसे साफ करें।
  • पेंट से पहले सतह को अच्छी तरह तैयार करें।
  • कूलर को बंद रखने से पहले उसे पूरी तरह सुखाएं।
  • बहुत ज्यादा corrosion होने पर विशेषज्ञ से मरम्मत कराएं।

सिर्फ पेंट नहीं, नियमित देखभाल भी जरूरी

कूलर में जंग को रोकने के लिए एक बार पेंट करा देना काफी नहीं है। पानी, नमी और धातु के लगातार संपर्क के कारण समय के साथ समस्या दोबारा आ सकती है। इसलिए कूलर की सफाई, पानी निकालना, सतह को सूखा रखना और शुरुआती जंग की तुरंत मरम्मत करना ज्यादा प्रभावी तरीका हो सकता है।

 

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