Shubman Gill: गिल की एक और बड़ी उपलब्धि, वनडे के दिग्गजों की बराबरी पर पहुंचे
Shubman Gill: वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में 334 रन बनाकर जीता प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड, धोनी, गांगुली और युवराज के बराबर पहुंचा गिल का आंकड़ा
Shubman Gill: भारतीय क्रिकेट में शुभमन गिल का कद लगातार बढ़ता जा रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने वाले गिल ने एक और खास उपलब्धि अपने नाम कर ली है। सीरीज में बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। यह उनके वनडे करियर में इस पुरस्कार की सातवीं ट्रॉफी है।
इसके साथ ही गिल उन भारतीय दिग्गजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने वनडे में सात या उससे अधिक बार सीरीज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता है। इस आंकड़े में उन्होंने एमएस धोनी, सौरव गांगुली और युवराज सिंह की बराबरी कर ली है।
तीन मैचों में 334 रन, औसत 167 का
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में गिल भारतीय बल्लेबाजी के सबसे बड़े आकर्षण रहे। उन्होंने तीन मुकाबलों में कुल 334 रन बनाए और उनका बल्लेबाजी औसत 167 रहा।
सीरीज के पहले मैच में गिल ने शतक जमाया था। इसके बाद दूसरे वनडे में उन्होंने नाबाद 223 रन की तूफानी पारी खेलकर मुकाबले का रुख ही बदल दिया। ICC के मुताबिक उनकी इस डबल सेंचुरी की मदद से भारत ने वेस्टइंडीज के 406 रन के विशाल लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था।
तीसरे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को हराया, लेकिन पूरी सीरीज में गिल के प्रदर्शन के कारण प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार उनके नाम रहा।
रिकॉर्ड बुक में गिल से आगे सिर्फ दो भारतीय
वनडे में भारत की ओर से सबसे ज्यादा बार प्लेयर ऑफ द सीरीज बनने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है। उन्होंने अपने करियर में 15 बार यह उपलब्धि हासिल की थी।
विराट कोहली 11 बार इस पुरस्कार को जीतकर दूसरे स्थान पर हैं। अब गिल सात पुरस्कारों के साथ धोनी, गांगुली और युवराज के साथ संयुक्त रूप से अगले पायदान पर पहुंच गए हैं।
भारत के खिलाड़ियों में प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड:
- सचिन तेंदुलकर — 15 बार
- विराट कोहली — 11 बार
- शुभमन गिल — 7 बार
- एमएस धोनी — 7 बार
- सौरव गांगुली — 7 बार
- युवराज सिंह — 7 बार
गिल की खासियत, कम समय में सात बड़े पुरस्कार
गिल की उपलब्धि का एक खास पहलू यह भी है कि उन्होंने अपने सातों प्लेयर ऑफ द सीरीज पुरस्कार पिछले कुछ वर्षों में हासिल किए हैं। यानी वनडे क्रिकेट में उनके प्रदर्शन का असर लगातार दिखाई दे रहा है।
2026 में भी उनका बल्ला जमकर चला है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने इस साल अब तक 11 वनडे पारियों में 895 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके नाम तीन शतक और पांच अर्धशतक रहे हैं।
कप्तानी के साथ बल्लेबाजी की भी जिम्मेदारी
गिल अब केवल टीम के प्रमुख बल्लेबाज ही नहीं हैं, बल्कि वनडे टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। ICC ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए उन्हें भारतीय टीम का कप्तान घोषित किया था। टीम को 2027 विश्व कप की तैयारी की दिशा में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी उनके नेतृत्व में है।
ऐसे में कप्तानी के दबाव के बीच लगातार बड़ी पारियां खेलना उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
223 रन की पारी ने खींचा सबसे ज्यादा ध्यान
गिल की 223 रन की नाबाद पारी वेस्टइंडीज सीरीज की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों में रही। भारत ने उस मुकाबले में 406 रन के लक्ष्य को सिर्फ 43.3 ओवर में हासिल किया था। इस मैच में भारत की ओर से गिल और रोहित शर्मा के बीच 255 रन की ओपनिंग साझेदारी हुई, जो घरेलू मैदान पर भारत की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी रही।
गिल की इस पारी ने उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और लंबी पारी खेलने की क्षमता को एक बार फिर सामने रखा।
2027 विश्व कप की तैयारी में अहम कड़ी
भारतीय वनडे टीम के लिए 2027 विश्व कप की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे में गिल की मौजूदा फॉर्म टीम के लिए अहम है। ICC की सितंबर की रैंकिंग में भी गिल वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर थे।
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत देता है कि आने वाले बड़े मुकाबलों में भी उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद की जा सकती है।



