Kiren Rijiju: ‘PM मोदी और BJP से नफरत छोड़ें’, किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को दिए सफलता के 7 मंत्र, परिवारवाद पर भी घेरा

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को भारत में ज्यादा समय बिताने, परिवारवाद खत्म करने और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने समेत सात सुझाव दिए।

Kiren Rijiju: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने राहुल गांधी को राजनीति में सफलता हासिल करने के लिए सात सूत्रीय सलाह दी है। रिजिजू का कहना है कि अगर राहुल गांधी इन सुझावों पर अमल करते हैं तो कांग्रेस पार्टी संसद में पहले से ज्यादा सीटें जीत सकती है। उनकी इस सलाह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और RSS के प्रति कथित नफरत छोड़ने से लेकर परिवारवाद खत्म करने और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने तक की बातें शामिल हैं।

किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी को ये सात सुझाव दिए। उन्होंने विदेशी दौरों, वरिष्ठ नेताओं के सम्मान, संसद में सक्रियता और कांग्रेस के आंतरिक लोकतंत्र जैसे मुद्दों को भी अपने पोस्ट में उठाया। उनके इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

रिजिजू ने राहुल गांधी को दिए सफलता के 7 सूत्र

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपनी पोस्ट में कहा कि अगर राहुल गांधी इन सात बातों पर ध्यान दें तो कांग्रेस पार्टी अधिक सांसदों को चुनाव जिताने में सफल हो सकती है। उन्होंने अपने सुझावों में राहुल गांधी की राजनीतिक कार्यशैली से लेकर कांग्रेस संगठन की कार्यप्रणाली तक पर सवाल उठाए।

रिजिजू के सात सुझाव इस प्रकार हैं:

1. भारत में ज्यादा समय बिताएं: राहुल गांधी को भारत में अधिक समय बिताना चाहिए और बार-बार होने वाले कथित गुप्त विदेशी दौरों से बचना चाहिए।

2. वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करें: पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और अनुभवी लोगों का सम्मान करें। उनसे सीखना भारतीय परंपरा का हिस्सा है।

3. भारत विरोधी लोगों से दूरी बनाएं: ऐसे लोगों से मुलाकात न करें, जिनका एजेंडा भारत के हितों के खिलाफ हो। उनके एजेंडे को बढ़ावा देना भी बंद करें।

4. मोदी, भाजपा और RSS से नफरत छोड़ें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और RSS के प्रति कथित नफरत खत्म करें। भाजपा को दुश्मन नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखें।

5. संसद को गंभीरता से लें: संसद की कार्यवाही में अधिक सक्रियता दिखाएं और पार्टी के सांसदों को बहस तथा चर्चाओं में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

6. संविधान और संस्थाओं का सम्मान करें: भारतीय संविधान के साथ-साथ संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भी सम्मान का भाव रखें।

7. परिवारवाद खत्म कर कांग्रेस में लोकतंत्र लाएं: कांग्रेस पार्टी को एक लोकतांत्रिक संगठन के रूप में काम करने दें और परिवारवादी राजनीति को समाप्त करें।

रिजिजू की इस सात सूत्रीय सलाह में सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के प्रति नफरत छोड़ने तथा कांग्रेस में परिवारवाद खत्म करने वाले सुझावों की हो रही है।

PM मोदी को बहस की चुनौती देने पर राहुल गांधी पर तंज

किरेन रिजिजू की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमने-सामने बहस करने की चुनौती दी थी। राहुल गांधी ने दावा किया था कि वह प्रधानमंत्री के साथ बहस में महज पांच मिनट के भीतर यह साबित कर सकते हैं कि नरेंद्र मोदी देश के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें नियंत्रित कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री इस बहस के लिए अपनी पसंद का जज चुन सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री उनके सामने बैठकर बहस नहीं कर पाएंगे।

राहुल गांधी के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया। इसी राजनीतिक माहौल में किरेन रिजिजू ने सात सूत्रीय सलाह देकर कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं।

CM विष्णु देव साय ने भी कांग्रेस और INDI गठबंधन को घेरा

राहुल गांधी के बयान को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल और संविधान के अनुच्छेद 356 के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए विपक्ष की लोकतंत्र संबंधी टिप्पणियों पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री साय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कई बार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाया था, जिसके दौरान गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेल में डाल दिया गया और प्रेस की स्वतंत्रता को दबाया गया।

साय ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग कर कई मौकों पर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। उनके मुताबिक, आज कांग्रेस और INDI गठबंधन का लोकतंत्र की बात करना हास्यास्पद है।

Shiva Sharma Case: श्रद्धा पर प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप, 9 अक्टूबर की रात फ्लैट में क्या हुआ था?

परिवारवाद से लेकर संसद की भूमिका तक, रिजिजू ने उठाए कई सवाल

किरेन रिजिजू की सात सूत्रीय सलाह केवल राहुल गांधी की व्यक्तिगत राजनीतिक शैली तक सीमित नहीं है। इसमें कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और उसकी राजनीतिक रणनीति पर भी निशाना साधा गया है।

खासतौर पर परिवारवाद खत्म करने की सलाह के जरिए उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाया है। वहीं, संसद में अधिक सक्रिय रहने और सांसदों को बहस में हिस्सा लेने देने की बात कहकर विपक्ष की संसदीय भूमिका पर भी टिप्पणी की है।

फिलहाल रिजिजू की यह पोस्ट राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ भाजपा नेता राहुल गांधी के बयानों को लेकर हमलावर हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की नीतियों पर सवाल उठा रही है। ऐसे में संसद से लेकर सोशल मीडिया तक भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जुबानी जंग जारी है।

Related Articles