Email Safety: आपका ईमेल कहीं साइबर ठगों के निशाने पर तो नहीं? इस आसान तरीके से घर बैठे लगाएं पता
Email Safety: डेटा लीक में ईमेल आईडी शामिल होने पर निजी जानकारी और दूसरे ऑनलाइन अकाउंट पर भी खतरा बढ़ सकता है।
Email Safety: आज इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लगभग हर व्यक्ति के लिए ईमेल अकाउंट बेहद जरूरी हो गया है। यह केवल संदेश भेजने और प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गया, बल्कि हमारी डिजिटल पहचान का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन खरीदारी और दफ्तर के कामकाज से जुड़े कई अकाउंट इसी ईमेल आईडी के जरिए संचालित होते हैं। ऐसे में ईमेल की सुरक्षा में जरा-सी चूक भी कई तरह की परेशानियां खड़ी कर सकती है।
कई बार साइबर अपराधी किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के डेटा में सेंध लगाकर यूजर्स की निजी जानकारियां हासिल कर लेते हैं। इस दौरान ईमेल एड्रेस भी लीक हो सकते हैं। परेशानी यह है कि यूजर को अक्सर पता ही नहीं चलता कि उसकी जानकारी किसी डेटा ब्रीच में शामिल हो चुकी है। यदि आप भी जानना चाहते हैं कि आपका ईमेल पहले कभी किसी डेटा लीक का हिस्सा बना है या नहीं, तो इसके लिए एक आसान ऑनलाइन तरीका मौजूद है।
एक वेबसाइट बताएगी ईमेल आईडी का डेटा लीक रिकॉर्ड
ईमेल एड्रेस की जांच के लिए इंटरनेट पर Have I Been Pwned नाम की वेबसाइट उपलब्ध है। इस प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग डेटा ब्रीच में सामने आए ईमेल एड्रेस की जानकारी देखी जा सकती है। इसके लिए किसी विशेष सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने या महंगा सिक्योरिटी टूल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती।
जांच करने के लिए सबसे पहले अपने मोबाइल या लैपटॉप में ब्राउजर खोलें। इसके बाद Have I Been Pwned की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। यहां दिए गए सर्च बॉक्स में वह ईमेल आईडी लिखें, जिसकी सुरक्षा को लेकर आप जानकारी चाहते हैं। सर्च करने के बाद वेबसाइट अपने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर परिणाम दिखाएगी।
यदि आपकी ईमेल आईडी किसी ज्ञात डेटा ब्रीच में पाई जाती है तो स्क्रीन पर इसकी जानकारी और संबंधित चेतावनी दिखाई देगी। वहीं, उपलब्ध रिकॉर्ड में ईमेल नहीं मिलने पर वेबसाइट इसकी पुष्टि करेगी कि उसे आपकी आईडी किसी दर्ज लीक में नहीं मिली है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि रिकॉर्ड में ईमेल का नाम न मिलना अकाउंट के पूरी तरह सुरक्षित होने का प्रमाण नहीं है। यह टूल केवल उन डेटा लीक की जानकारी दे सकता है जो उसके डेटाबेस में उपलब्ध हैं।
डेटा लीक में ईमेल मिलने पर क्या करें?
अगर वेबसाइट की जांच में आपकी ईमेल आईडी किसी डेटा ब्रीच में शामिल मिलती है तो सबसे पहले अपने अकाउंट की सुरक्षा पर ध्यान दें। इस स्थिति में कुछ जरूरी बदलाव करके संभावित नुकसान का खतरा कम किया जा सकता है।
पासवर्ड तुरंत बदलें: अपने ईमेल अकाउंट के लिए नया और मजबूत पासवर्ड तैयार करें। इसमें अंग्रेजी के बड़े और छोटे अक्षरों के साथ अंक तथा विशेष चिन्ह शामिल करें। ऐसा पासवर्ड न चुनें, जिसका आसानी से अनुमान लगाया जा सके।
2FA सुरक्षा चालू करें: ईमेल अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी दो-स्तरीय सत्यापन सक्रिय करना भी जरूरी है। इससे पासवर्ड के अतिरिक्त एक और सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद ही लॉग-इन किया जा सकता है। यह अनधिकृत पहुंच को रोकने में मदद करता है।
अनजान डिवाइस की पहुंच हटाएं: अकाउंट की सुरक्षा सेटिंग्स में जाकर यह देखें कि आपका ईमेल किन-किन डिवाइसों पर लॉग-इन है। यदि कोई ऐसा डिवाइस दिखाई दे जिसे आप नहीं पहचानते तो उसकी पहुंच समाप्त कर दें।
थर्ड-पार्टी ऐप्स की समीक्षा करें: कई बाहरी ऐप्स और वेबसाइटों को ईमेल अकाउंट से जोड़ने की अनुमति दी जाती है। इनकी सूची देखकर अनजान या गैरजरूरी ऐप्स की परमिशन हटा दें।
एक पासवर्ड से कई अकाउंट चलाने की गलती न करें
ईमेल अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि अलग-अलग वेबसाइटों और ऐप्स पर एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल न किया जाए। यदि किसी एक प्लेटफॉर्म का डेटा लीक हो जाता है तो साइबर अपराधी उसी पासवर्ड की मदद से आपके दूसरे अकाउंट में भी प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं।
इसलिए हर ऑनलाइन सेवा के लिए अलग पासवर्ड रखें। मजबूत पासवर्ड तैयार करने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर की मदद ली जा सकती है।
फिशिंग लिंक से रहें सावधान
साइबर ठगी करने वाले कई बार नकली ईमेल और मैसेज भेजकर यूजर्स को फर्जी वेबसाइट पर पहुंचा देते हैं। इन वेबसाइटों पर लॉग-इन करने के दौरान दर्ज की गई जानकारी सीधे ठगों तक पहुंच सकती है।
इसलिए किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचे बिना वहां अपनी ईमेल आईडी, पासवर्ड या दूसरी निजी जानकारी साझा न करें। साथ ही समय-समय पर अकाउंट की सुरक्षा गतिविधियों की समीक्षा करते रहें।
ईमेल अकाउंट से बैंकिंग, सोशल मीडिया और कई अन्य डिजिटल सेवाएं जुड़ी होती हैं। ऐसे में इसकी सुरक्षा को हल्के में लेना ठीक नहीं है। नियमित जांच, अलग-अलग मजबूत पासवर्ड और अतिरिक्त लॉग-इन सुरक्षा अपनाकर आप अपने ऑनलाइन अकाउंट को साइबर खतरों से बचाने की दिशा में जरूरी कदम उठा सकते हैं।



