Yogi Adityanath: लखनऊ में योगी का विपक्ष पर प्रहार, राम मंदिर आंदोलन को लेकर लगाए गंभीर आरोप
Yogi Adityanath: अशोक सिंघल जन्मशती समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर आंदोलन, अयोध्या और प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर विपक्षी दलों के रवैये पर सवाल उठाए।
Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर आंदोलन को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता रहे अशोक सिंघल की जन्मशती के अवसर पर आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा केवल एक धार्मिक अभियान नहीं था, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक चेतना और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा आंदोलन था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक चले इस आंदोलन के दौरान कई राजनीतिक दलों ने इसका समर्थन करने के बजाय विरोध का रास्ता चुना। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर निर्माण की दिशा में बढ़ रहे प्रयासों को कई बार राजनीतिक कारणों से प्रभावित करने की कोशिश की गई।
रामलला प्राण प्रतिष्ठा का किया उल्लेख
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में हुए रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश के लिए ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं को इस आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन कई नेताओं ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ दलों ने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को भी राजनीतिक नजरिए से देखा। उनके अनुसार, यह फैसला आस्था से ज्यादा राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर लिया गया था।
आंदोलन के संघर्षों को किया याद
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम जन्मभूमि से जुड़ा विवाद कई दशकों तक देश की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा रहा। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के समर्थन में लाखों लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई, जबकि दूसरी ओर कई तरह के विरोध और कानूनी चुनौतियां भी सामने आईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंततः संवैधानिक प्रक्रिया और न्यायालय के फैसले के बाद मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी भी बड़े आंदोलन या संगठन में ऐसे लोग शामिल होने की कोशिश कर सकते हैं, जो उसकी छवि को नुकसान पहुंचाना चाहते हों। उन्होंने संगठन से जुड़े लोगों से अनुशासन बनाए रखने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की अपील की।
योगी ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से भी भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समझने का आह्वान किया।
अशोक सिंघल के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अशोक सिंघल के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सिंघल की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उनके नेतृत्व और प्रयासों ने इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने का काम किया।
राजनीतिक बहस फिर हुई तेज
राम मंदिर का मुद्दा लंबे समय से देश की राजनीति का अहम विषय रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ताजा बयान के बाद एक बार फिर इस विषय पर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी इस बहस को और गर्मा सकती है।
फिलहाल, लखनऊ में दिए गए मुख्यमंत्री के बयान ने राम मंदिर आंदोलन, अयोध्या और उससे जुड़ी राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।



