onion prices: महंगा प्याज बना लोगों की मुसीबत, सरकारी कोशिशों के बावजूद कीमतों में नहीं आ रही कमी

onion prices: सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी खुदरा बाजार में प्याज की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

onion prices: देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतें अब भी आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। सरकार की ओर से बाजार में अतिरिक्त प्याज भेजे जाने और विभिन्न उपाय अपनाने के बावजूद खुदरा कीमतों में बड़ी गिरावट नहीं आई है। कई शहरों में प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।

कीमतों को काबू करने के लिए सरकार सक्रिय

बढ़ती महंगाई को देखते हुए केंद्र सरकार ने अपने बफर स्टॉक से बड़ी मात्रा में प्याज बाजार में उतारा है। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों तक तेज सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष रेल सेवाओं का भी सहारा लिया जा रहा है।

सरकारी एजेंसियां NAFED और NCCF के माध्यम से कई शहरों में रियायती दरों पर प्याज उपलब्ध करा रही हैं। मोबाइल वैन और विशेष बिक्री केंद्रों के जरिए भी उपभोक्ताओं तक सस्ता प्याज पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

फिर भी क्यों नहीं घट रहे दाम?

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सप्लाई बढ़ाने से तुरंत राहत मिलना आसान नहीं है। थोक बाजार से खुदरा बाजार तक पहुंचने के दौरान परिवहन, भंडारण और वितरण की लागत कीमतों को प्रभावित कर रही है।

इसके अलावा बाजार में उपलब्ध प्याज की मात्रा मांग के मुकाबले अभी भी पर्याप्त नहीं मानी जा रही। यही कारण है कि खुदरा स्तर पर कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।

मौसम ने बढ़ाई परेशानी

इस वर्ष मानसून की अनियमितता ने प्याज उत्पादन पर असर डाला है। कई इलाकों में देर से बारिश हुई, जबकि कुछ क्षेत्रों में जरूरत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इसका प्रभाव भंडारित प्याज और नई फसल दोनों पर पड़ा।

रबी सीजन की प्याज का कुछ हिस्सा खराब होने से बाजार में गुणवत्ता वाला स्टॉक कम हो गया। वहीं खरीफ फसल की आवक भी अपेक्षा से धीमी बनी हुई है।

नवंबर तक मिल सकती है राहत

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अक्टूबर के अंत से नई खरीफ प्याज की आवक बढ़ सकती है। यदि मौसम सामान्य रहा और फसल अच्छी मात्रा में बाजार तक पहुंची, तो कीमतों में नरमी आने की संभावना है।

हालांकि तब तक प्याज के दाम ऊंचे बने रहने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को फिलहाल महंगे प्याज के साथ ही अपना रसोई बजट संभालना पड़ सकता है।

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