Retirement Announcement: रिटायरमेंट पर जज का प्रेरणादायक फैसला, पूरी बचत राष्ट्रहित में देने का किया ऐलान

Retirement Announcement: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने GPF की करीब एक करोड़ रुपये की राशि PM CARES फंड को समर्पित करने का संकल्प लिया

Retirement Announcement: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने अपने सेवानिवृत्ति समारोह में एक ऐसा निर्णय साझा किया, जिसकी चर्चा न्यायिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों में हो रही है। उन्होंने घोषणा की कि जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) से प्राप्त होने वाली लगभग एक करोड़ रुपये की पूरी राशि प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपातकालीन राहत कोष (PM CARES Fund) में दान करेंगे।

विदाई समारोह के दौरान जस्टिस सिंह ने कहा कि यह राशि उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद प्राप्त होगी और वह इसे राष्ट्र निर्माण तथा जनकल्याण के कार्यों के लिए समर्पित करना चाहते हैं। उन्होंने इसे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का एक छोटा प्रयास बताया।

पत्नी के साथ लिया शरीर दान का संकल्प

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी इंदिरा सिंह ने मृत्यु के बाद अपने शरीर को मेडिकल शिक्षा और शोध कार्यों के लिए दान करने का निर्णय लिया है। उनके अनुसार, यह संकल्प कुछ दिन पहले ही औपचारिक रूप से दर्ज कराया गया था।

उन्होंने कहा कि समाज की सेवा केवल पद पर रहते हुए ही नहीं, बल्कि जीवन के हर चरण में की जा सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने यह फैसला लिया है।

‘रिटायरमेंट नई शुरुआत है’

अपने संबोधन में जस्टिस सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने आगे भी सामाजिक और मानवीय कार्यों में सक्रिय रहने की इच्छा जताई।

इस अवसर पर उन्होंने अपने न्यायिक जीवन के अनुभव साझा किए और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके लंबे करियर में सहयोग दिया। उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण बचपन का भी जिक्र किया और कहा कि मेहनत, ईमानदारी और समर्पण ही सफलता की असली कुंजी हैं।

36 वर्षों का रहा न्यायिक सफर

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने वर्ष 1990 में सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2023 में उन्हें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। सितंबर 2026 में उनका कार्यकाल पूरा हुआ।

उनका यह फैसला सेवानिवृत्ति के बाद समाज और देश के प्रति योगदान की एक अनूठी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

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