Uniform Civil Code: UCC पर NDA में मतभेद! किसी ने किया स्वागत, तो किसी ने रखा इंतजार का रुख

Uniform Civil Code: एक देश-एक कानून की बहस फिर तेज, NDA के सहयोगी दलों ने UCC पर रखा अपना-अपना पक्ष

Uniform Civil Code: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर केंद्र सरकार की मंशा सामने आने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में संकेत दिया कि 2029 से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इसके बाद गठबंधन में शामिल दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

कुछ दलों ने किया खुला समर्थन

आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने UCC को सकारात्मक पहल बताते हुए समर्थन दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि समान नागरिक कानून पर चर्चा होनी चाहिए और सभी पक्षों की राय लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

वहीं महाराष्ट्र की शिवसेना ने भी इसे राष्ट्रीय एकता और समान अधिकारों से जुड़ा विषय बताते हुए समर्थन जताया है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के कदम का स्वागत किया है।

JD(U) ने बिहार को लेकर जताई चिंता

बिहार में NDA की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) ने UCC को लेकर सावधानी भरा रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा अलग विषय है, लेकिन बिहार जैसे सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से विविध राज्य में इसे लागू करने से पहले व्यापक सहमति जरूरी होगी।

JD(U) का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषय पर सभी समुदायों और राजनीतिक दलों से बातचीत होनी चाहिए।

LJP ने कहा- पहले प्रस्ताव सामने आए

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी फिलहाल कोई अंतिम राय नहीं दी है। पार्टी नेताओं के मुताबिक UCC के वास्तविक स्वरूप और कानूनी प्रावधानों को देखने के बाद ही समर्थन या विरोध पर फैसला लिया जाएगा।

बंगाल में भी गर्माया मुद्दा

पश्चिम बंगाल में बीजेपी इस मुद्दे को आगे बढ़ाने के संकेत दे रही है। पार्टी का कहना है कि UCC लंबे समय से उसके एजेंडे का हिस्सा रहा है। हालांकि राज्य की अन्य राजनीतिक पार्टियां अभी इस विषय पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रही हैं।

NDA के लिए क्यों अहम है यह बहस?

UCC सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मुद्दा माना जा रहा है। NDA की कई सहयोगी पार्टियों के संसद में प्रभावी संख्या बल को देखते हुए सरकार के लिए उनका समर्थन अहम रहेगा।

फिलहाल तस्वीर यह है कि NDA के भीतर UCC को लेकर पूर्ण सहमति नहीं बनी है। कुछ दल इसे आवश्यक सुधार मान रहे हैं, जबकि कुछ पार्टियां विस्तृत चर्चा और स्पष्ट मसौदे का इंतजार कर रही हैं। आने वाले समय में इस मुद्दे पर गठबंधन के भीतर और मंथन देखने को मिल सकता है।

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