Backpack Cleaning: स्कूल और ऑफिस जाने वाले ज्यादातर लोग रोजाना अपने बैग का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, बहुत कम लोग इसकी नियमित सफाई पर ध्यान देते हैं। बाहर से साफ दिखने वाला बैग अंदर से काफी गंदा हो सकता है। समय के साथ इसमें धूल, मिट्टी, खाने के टुकड़े और दूसरी अशुद्धियां जमा होने लगती हैं।
यही कारण है कि कई बार बैग से अजीब गंध आने लगती है। इसके अलावा, बैग का कपड़ा भी जल्दी खराब होने लगता है।
कैसे पहुंचती है गंदगी बैग के अंदर?
रोजमर्रा की कई चीजें बैग को गंदा बना देती हैं। मोबाइल फोन, चाबियां, पर्स, टिफिन बॉक्स, पानी की बोतल और अन्य सामान धूल और कीटाणुओं को बैग तक पहुंचाते हैं।
वहीं, अगर टिफिन से खाना गिर जाए या बोतल से पानी रिस जाए तो बैग के अंदर नमी बढ़ जाती है। इससे बैक्टीरिया और फफूंदी पनपने का खतरा भी बढ़ सकता है।
बैग का कौन सा हिस्सा सबसे ज्यादा गंदा होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार बैग का निचला हिस्सा सबसे ज्यादा गंदगी जमा करता है। हम अक्सर बैग को जमीन, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन या ऑफिस के फर्श पर रख देते हैं। ऐसे में बाहरी सतह पर लगी धूल धीरे-धीरे अंदर तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा बैग के हैंडल भी लगातार हाथों के संपर्क में रहते हैं। इसलिए वहां भी कीटाणु जमा हो सकते हैं।
ऐसे करें आसान डीप क्लीनिंग
सबसे पहले बैग को पूरी तरह खाली करें। इसके बाद सभी पॉकेट्स से कचरा और बेकार कागज निकाल दें। फिर मुलायम ब्रश या वैक्यूम क्लीनर से धूल साफ करें।
इसके अलावा, हल्के साबुन वाले पानी में कपड़ा भिगोकर अंदरूनी हिस्से को साफ करें। सफाई के बाद बैग को धूप या खुली हवा में अच्छी तरह सुखाएं।
इन आदतों से बैग रहेगा साफ
- बैग में खाने की खुली चीजें न रखें।
- पानी की बोतल अच्छी तरह बंद रखें।
- हर सप्ताह बैग की जांच करें।
- पुराने बिल, टिश्यू और रैपर तुरंत निकाल दें।
- महीने में कम से कम एक बार डीप क्लीनिंग जरूर करें।
बैग हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। इसलिए इसकी सफाई को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित देखभाल से न केवल बैग लंबे समय तक अच्छा रहता है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम हो जाते हैं।
written by Siddhi Srivastava