World Economic: भारत की तेज आर्थिक प्रगति एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी हुई है। अमेरिका के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेफ्री सैक्स ने कहा है कि आने वाले वर्षों में वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसमें भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि दुनिया की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र धीरे-धीरे पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ रहा है। उनके अनुसार एशिया आने वाले समय में वैश्विक विकास का सबसे बड़ा इंजन बन सकता है और भारत इस परिवर्तन के केंद्र में रहेगा।
भारत की विकास गति पर जताया भरोसा
जेफ्री सैक्स का मानना है कि भारत की युवा आबादी, बढ़ता उपभोक्ता बाजार और लगातार मजबूत होती अर्थव्यवस्था उसे दुनिया की अग्रणी शक्तियों में शामिल कर सकती है। उन्होंने कहा कि भारत के पास लंबी अवधि में वैश्विक स्तर पर शीर्ष आर्थिक देशों में जगह बनाने की पूरी क्षमता मौजूद है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत की विकास दर और निवेश आकर्षित करने की क्षमता उसे अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले अलग पहचान दे रही है।
भारत-चीन सहयोग को बताया अहम
सैक्स ने भारत और चीन के संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देश आर्थिक सहयोग को बढ़ाते हैं तो वैश्विक व्यापार और निवेश को नई दिशा मिल सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में संतुलन बनेगा और विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
BRICS की भूमिका पर भी दिया जोर
अर्थशास्त्री ने BRICS देशों की बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि यह समूह वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहा है। उनके मुताबिक उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रभाव बढ़ने से दुनिया एक अधिक संतुलित और बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में एशिया लंबे समय तक आर्थिक गतिविधियों का केंद्र रहा है और मौजूदा परिस्थितियां संकेत देती हैं कि यह क्षेत्र एक बार फिर वैश्विक विकास का नेतृत्व कर सकता है।