राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राहुल गांधी का प्रधानमंत्री को पत्र
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले पर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में सरकार की चुप्पी स्वीकार नहीं की जा सकती।
अपने पत्र में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक करने की मांग
राहुल गांधी ने पत्र में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन को सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान का पूरा हिसाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए ताकि किसी तरह के संदेह की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रस्ट के खातों का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, जिससे लोगों का विश्वास और मजबूत हो सके।
“प्रधानमंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है”
राहुल गांधी ने कहा कि जब मामला देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हो, तब प्रधानमंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
पहले से जारी है जांच
गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच पहले से चल रही है। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जा चुका है और कई लोगों से पूछताछ की गई है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
राहुल गांधी के पत्र के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस इसे पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि जांच जारी है और बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री कार्यालय इस पत्र पर क्या प्रतिक्रिया देता है और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में आगे क्या नए तथ्य सामने आते हैं।



