भागवत के एक DNA वाले बयान पर दिग्विजय ने धर्म परिवर्तन कानून को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के यह कहने के कुछ दिनों बाद कि सभी भारतीयों का डीएनए समान है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है।



मध्य प्रदेश के सीहोर में मीडिया से बात करते हुए दिग्‍विजय सिंह ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर हिंदुओं और मुसलमानों का डीएनए समान है तो धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून का कोई फायदा नहीं है।

उन्‍होंने कहा, ”यदि हिंदुओं और मुसलमानों का डीएनए समान है तो धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून का क्या उपयोग है? ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून का क्या फायदा? तो इसका मतलब है कि मोहन भागवत और ओवैसी का डीएनए एक ही है।”

हम सभी एक समान पूर्वजों के वंशज हैं: मोहन भागवत
भागवत ने कहा, ”हम अपनी मातृभूमि के आधार पर एक हैं। इसलिए यहां लड़ने की जरूरत नहीं है। हम सभी सामान्य पूर्वजों के वंशज हैं। हम सभी भारतीयों का डीएनए एक जैसा है। हमारा धर्म जो भी हो।”

आरएसएस प्रमुख ने यह बयान मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से गाजियाबाद में आयोजित एक समारोह में बोलते हुए दिया। उन्होंने आगे कहा कि हिंदू-मुस्लिम एकता भ्रामक है, क्योंकि वे दोनों अलग नहीं हैं, बल्कि एक हैं और उन्‍होंने आग्रह किया कि वे इस डर के चक्र में न फंसें कि भारत में इस्लाम खतरे में है।

उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं या मुसलमानों के अलावा भारतीयों का कभी कोई प्रभुत्व नहीं हो सकता।

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