Yogi Adityanath: यूपी में शिक्षकों की बड़ी भर्ती, सीएम योगी ने बांटे 3,567 नियुक्ति पत्र
Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है, जिससे योग्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों को केवल नौकरी नहीं मिली है, बल्कि उन्हें प्रदेश के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं और उनके मार्गदर्शन से आने वाली पीढ़ियां तैयार होती हैं।
छह महीने में एक लाख और युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पिछले नौ वर्षों में करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी है और अगले छह महीनों के भीतर एक लाख और युवाओं को सरकारी सेवाओं में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है।
नौकरी के नाम पर वसूली करने वालों को चेतावनी
सीएम योगी ने कहा कि नियुक्ति प्राप्त किसी भी शिक्षक या कर्मचारी से यदि कोई व्यक्ति धन की मांग करता है या ज्वाइनिंग में बाधा डालने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, भविष्य भी गढ़ते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होती। वह विद्यार्थियों को जीवन के मूल्य, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी पाठ पढ़ाता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक शिक्षक साल में 100 विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करता है तो हजारों शिक्षक मिलकर लाखों बच्चों के जीवन को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं।
शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का उल्लेख
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं और अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अलावा कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें।
2047 के विकसित भारत में युवाओं की होगी अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में वर्तमान पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। आज के विद्यार्थी ही आने वाले वर्षों में डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक और प्रशासक बनकर देश का नेतृत्व करेंगे। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।



