UP Scholarship: डीबीटी से छात्रों के खातों में पहुंची छात्रवृत्ति, 4.60 लाख विद्यार्थियों को 148 करोड़ की मदद
UP Scholarship: लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया राशि का अंतरण, फीस-किताबों से लेकर पढ़ाई की दूसरी जरूरतों में आर्थिक सहारा मिलने से विद्यार्थियों में खुशी
UP Scholarship: उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत शनिवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में 4,60,559 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 148.04 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस दौरान 11 विद्यार्थियों को मंच से छात्रवृत्ति के प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
सरकार के अनुसार, इस सहायता का उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़े खर्च को कम करना और पात्र छात्र-छात्राओं तक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि सीधे पहुंचाना है। छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि राशि से फीस, किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में परिवार को मदद मिलेगी।
किताबों से लेकर फीस तक खर्च होगा आसान
छात्रवृत्ति मिलने के बाद विद्यार्थियों ने कहा कि आर्थिक सहायता का इस्तेमाल वे अपनी पढ़ाई की जरूरतों के लिए करेंगे। गोसाईंगंज के सत्यम ने बताया कि राशि मिलने से परिवार पर शिक्षा का खर्च कुछ कम होगा और वह इससे किताबें तथा जरूरी पढ़ाई की सामग्री खरीदेंगे।
सुरियामऊ के विवेक कनौजिया के मुताबिक छात्रवृत्ति से फीस और किताबों के खर्च में सहायता मिलेगी। रकीबखेड़ा के अमन कुमार ने भी बताया कि वह छात्रवृत्ति की राशि से नई किताबें खरीदने की योजना बना रहे हैं।
गोसाईंगंज के मयंक रावत ने कहा कि आर्थिक मदद से शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री के हाथों स्वीकृति पत्र मिलना उनके लिए अलग अनुभव रहा।
आर्थिक सहायता से बढ़ा आगे पढ़ने का हौसला
इटौंजा की साक्षी ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने के बाद आगे की पढ़ाई को लेकर उत्साह बढ़ा है। उनके मुताबिक पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में यह राशि उपयोगी साबित होगी।
सत्येंद्र रावत डॉक्टर बनने का लक्ष्य लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से परिवार को शिक्षा का खर्च संभालने में राहत मिलेगी और वह अपने करियर की तैयारी पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
पुलिस सेवा में जाने का लक्ष्य रखने वाले एक विद्यार्थी ने भी बताया कि आर्थिक सहायता से परिवार पर पढ़ाई का बोझ कम होगा। इससे भविष्य की तैयारी को लेकर प्रोत्साहन मिला है।
छात्राओं ने भी बताया आर्थिक सहयोग का महत्व
इटौंजा की आकांक्षा गौतम ने बताया कि छात्रवृत्ति से किताबें और दूसरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने में मदद मिलेगी। इससे पढ़ाई पर होने वाले खर्च को लेकर परिवार की चिंता कम होगी।
अर्चना ने कहा कि शिक्षा जारी रखने के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों का कहना है कि पढ़ाई का खर्च संभालने में परिवार को मदद मिलने से वे अपनी शिक्षा पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
मजदूरी करने वाले पिता के बेटे रणवीर को मिला संबल
कक्षा 12 के छात्र रणवीर वर्मा के लिए कार्यक्रम का सबसे खास पल मुख्यमंत्री के हाथों छात्रवृत्ति का स्वीकृति पत्र प्राप्त करना रहा। रणवीर ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं और ऐसे में पढ़ाई का खर्च परिवार के लिए चुनौती हो सकता है।
उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति से परिवार पर आर्थिक दबाव कम होगा और पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री से प्रमाणपत्र प्राप्त करने के अनुभव को उन्होंने यादगार बताया।
हिमांशु वर्मा ने भी छात्रवृत्ति मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सहायता उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने और भविष्य के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करेगी।
एससी और ओबीसी विद्यार्थियों की बड़ी हिस्सेदारी
इस चरण में सबसे अधिक लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को मिला। आंकड़ों के अनुसार 2,23,615 ओबीसी विद्यार्थियों के खातों में 60.01 करोड़ रुपये और 1,59,959 अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के खातों में 64.54 करोड़ रुपये भेजे गए।
वहीं 38,084 सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को 11.43 करोड़ रुपये तथा 38,901 अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को 12.06 करोड़ रुपये की सहायता मिली।
आवेदन से भुगतान तक ऑनलाइन व्यवस्था
छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को ऑनलाइन और डीबीटी आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार के अनुसार, पात्र विद्यार्थियों तक राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचाने के लिए भुगतान व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा गया है। इससे आवेदन, सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान सामने आई विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाओं में एक बात समान रही कि छात्रवृत्ति उनके लिए सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि पढ़ाई जारी रखने और आगे के करियर लक्ष्य पर काम करने का जरिया भी है।


