UP : पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बनाई नई पार्टी ‘जननीति भारत’, जनता की भागीदारी और जवाबदेही पर रहेगा जोर
जनता की भागीदारी, जरूरत के आधार पर फैसले और जवाबदेही होगी पार्टी की घोषित राजनीतिक सोच; दिव्या मित्तल ने वीडियो संदेश में किया एलान
UP : उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक नई पार्टी की एंट्री हुई है। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने ‘जननीति भारत’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाने का एलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में उतरेगी। दिव्या मित्तल ने पार्टी की राजनीतिक सोच के तीन प्रमुख आधार बताए हैं—जनता की भागीदारी, जरूरत के आधार पर फैसले और जनता के प्रति जवाबदेही।
दिव्या मित्तल ने एक वीडियो संदेश के जरिए पार्टी गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि समस्या राजनीति की कमी नहीं, बल्कि लोगों की बात नहीं सुने जाने की है। उनके मुताबिक, शासन और नीतियों में आम लोगों की भागीदारी होनी चाहिए, ताकि फैसले जनता की जरूरतों के अनुरूप लिए जा सकें।
2027 के विधानसभा चुनाव में उतरेगी पार्टी
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने ‘जननीति भारत’ के गठन के साथ अपनी राजनीतिक पारी की दिशा भी साफ कर दी है। पार्टी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी। हालांकि, अभी उपलब्ध घोषणा में पार्टी के उम्मीदवारों, चुनावी क्षेत्रों और विस्तृत कार्यक्रम को लेकर जानकारी सामने नहीं आई है।
दिव्या मित्तल का कहना है कि शासन व्यवस्था में लोगों की समस्याओं और अपेक्षाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। पार्टी की घोषणा के साथ उन्होंने जनता की भागीदारी को राजनीतिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनाने पर जोर दिया है।
उनकी इस घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए राजनीतिक संगठन की मौजूदगी दर्ज हुई है। आने वाले समय में पार्टी अपना संगठन किस तरह तैयार करती है, किन मुद्दों को प्रमुखता देती है और चुनाव के लिए क्या रणनीति अपनाती है, इस पर नजर रहेगी।
जनता से मिले संदेशों का किया जिक्र
दिव्या मित्तल ने वीडियो संदेश में अपने पिछले अनुभव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राजनीति में आने की बात कहने के बाद उन्होंने लोगों से संपर्क के लिए एक फोन नंबर साझा किया था। इसके बाद उस नंबर पर बड़ी संख्या में संदेश आने लगे और व्हाट्सएप ने नंबर को रोक दिया।
उन्होंने कहा कि लोगों की प्रतिक्रिया इतनी व्यापक होगी, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। संदेशों की संख्या अधिक होने के कारण सभी लोगों से व्यवस्थित तरीके से संपर्क नहीं हो पाया। दिव्या मित्तल ने इसके लिए लोगों से माफी भी मांगी और स्वीकार किया कि संपर्क व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभालने की जरूरत थी।
लोगों की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने एक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ, जैसे वह सूरज के सामने दिया लेकर खड़ी हों, जबकि जरूरत सिर्फ खिड़की खोलने की थी। इस कथन के जरिए उन्होंने जनता से मिले समर्थन और लोगों तक पहुंच बनाने के अपने अनुभव को साझा किया।
तीन प्रमुख वचनों पर आधारित होगी ‘जननीति भारत’
दिव्या मित्तल ने नई पार्टी के तीन प्रमुख वचन बताए हैं। पार्टी की घोषित राजनीतिक सोच इन्हीं बिंदुओं पर केंद्रित होगी।
पहला वचन: जनता की भागीदारी
दिव्या मित्तल के मुताबिक, देश और प्रदेश की नीतियों के केंद्र में जनता होनी चाहिए। नीतियां बनाते समय लोगों की राय और भागीदारी को महत्व दिया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था में आम नागरिकों की भूमिका को बढ़ाना है।
दूसरा वचन: जरूरत के आधार पर फैसले
पार्टी का दूसरा वचन है कि फैसले किसी व्यक्ति की पहचान के बजाय उसकी जरूरतों के आधार पर लिए जाएं। दिव्या मित्तल ने इस सिद्धांत को अपनी राजनीतिक सोच का हिस्सा बताया है। हालांकि, इस सिद्धांत को अलग-अलग नीतियों और सरकारी योजनाओं में किस तरह लागू किया जाएगा, इसका विस्तृत खाका अभी सामने आना बाकी है।
तीसरा वचन: जवाबदेही
तीसरे वचन के तहत पार्टी ने जनता के प्रति जवाबदेही पर जोर दिया है। दिव्या मित्तल के अनुसार, हर काम के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए और उसके आधार पर सुधार किए जाने चाहिए। इसका मतलब है कि शासन से जुड़े फैसलों और कामकाज को लेकर जनता के प्रति जिम्मेदारी को महत्व दिया जाए।
अब संगठन और चुनावी तैयारी पर नजर
‘जननीति भारत’ की घोषणा के साथ दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव में उतरने का इरादा जाहिर कर दिया है। पार्टी ने जनता की भागीदारी, जरूरत आधारित निर्णय और जवाबदेही को अपने प्रमुख वचनों के रूप में पेश किया है।
अब आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इन सिद्धांतों को विस्तृत नीतियों में कैसे बदलती है, उसका संगठन किस तरह तैयार होता है और चुनावी मैदान में किन मुद्दों को उठाया जाता है। फिलहाल दिव्या मित्तल की ओर से पार्टी गठन और 2027 का चुनाव लड़ने की घोषणा की गई है। उम्मीदवारों, सीटों और अन्य चुनावी तैयारियों से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद पार्टी की आगे की रणनीति स्पष्ट होगी।



