Donald Trump: मिडटर्म चुनाव के झटके के बाद ट्रंप ने बदली टीम, सुसी वाइल्स की जगह स्टीफन मिलर को बड़ी जिम्मेदारी
Donald Trump: व्हाइट हाउस में नेतृत्व परिवर्तन, रिपब्लिकन पार्टी के दोनों सदनों में पिछड़ने के बाद प्रशासनिक फेरबदल; न्याय विभाग के अधिकारियों ने भी दिए इस्तीफे
Donald Trump: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। उन्होंने चीफ ऑफ स्टाफ सुसी वाइल्स को पद से हटाकर उनकी जगह अपने लंबे समय से सहयोगी रहे स्टीफन मिलर को यह अहम जिम्मेदारी सौंप दी है। ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने वाइल्स के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि वह आगे भी उनके राजनीतिक संगठन के साथ जुड़ी रहेंगी।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बढ़त हासिल कर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण समाप्त कर दिया। चुनावी नतीजों के बाद व्हाइट हाउस में हुए इस बदलाव को ट्रंप प्रशासन की नई राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। अब चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी संभालने वाले स्टीफन मिलर पहले डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर कार्यरत थे।
पहली महिला चीफ ऑफ स्टाफ का कार्यकाल समाप्त
सुसी वाइल्स व्हाइट हाउस के इतिहास में चीफ ऑफ स्टाफ का पद संभालने वाली पहली महिला थीं। ट्रंप ने अपने दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल की शुरुआत में उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना था। वह लंबे समय से ट्रंप के राजनीतिक अभियानों और चुनावी रणनीति से जुड़ी रही हैं।
वाइल्स को ट्रंप के चुनावी अभियानों में अनुशासन बनाए रखने और संगठनात्मक व्यवस्था मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने वर्ष 2016 में ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान उनकी टीम के साथ काम शुरू किया था। इसके बाद वर्ष 2020 में फ्लोरिडा में उनके चुनाव अभियान का प्रबंधन किया और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में देशव्यापी प्रचार रणनीति की जिम्मेदारी संभाली।
ट्रंप ने पद से हटाने की घोषणा के दौरान वाइल्स के योगदान की सराहना की। वहीं, अपने बयान में वाइल्स ने व्हाइट हाउस में सेवा करने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने राष्ट्रपति और उनके राजनीतिक मिशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। ट्रंप के अनुसार, वह भविष्य में भी उनके राजनीतिक संगठन के साथ काम करती रहेंगी।
कौन हैं स्टीफन मिलर, जिन्हें मिली व्हाइट हाउस की कमान?
स्टीफन मिलर को डोनाल्ड ट्रंप के सबसे विश्वसनीय और पुराने सहयोगियों में शामिल माना जाता है। उनका ट्रंप के साथ जुड़ाव वर्ष 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से शुरू हुआ था। उस समय वह ट्रंप की टीम में भाषण लेखक के तौर पर शामिल हुए थे। धीरे-धीरे वह प्रशासन के प्रमुख रणनीतिकारों में अपनी जगह बनाने में सफल रहे।
मिलर की विशेष पहचान आव्रजन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका के कारण बनी है। उन्हें ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति, सीमा सुरक्षा व्यवस्था और अवैध प्रवासियों को देश से बाहर भेजने की योजनाओं का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है। फिलहाल वह व्हाइट हाउस में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी निभा रहे थे। अब उन्हें चीफ ऑफ स्टाफ बनाए जाने के बाद प्रशासन में उनकी भूमिका और बढ़ जाएगी।
दोनों सदनों में नियंत्रण खोने से बढ़ी ट्रंप की मुश्किलें
अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। डेमोक्रेटिक पार्टी ने देशभर में बेहतर प्रदर्शन करते हुए रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे वाली कई सीटों पर जीत दर्ज की। इसके परिणामस्वरूप प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण समाप्त हो गया।
इस नतीजे का असर राष्ट्रपति ट्रंप के शेष कार्यकाल पर पड़ सकता है। अब डेमोक्रेटिक पार्टी को संसदीय समितियों का नियंत्रण मिलने से ट्रंप प्रशासन के फैसलों और कामकाज की जांच करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इसके अलावा सरकार के विधायी प्रस्तावों को संसद से मंजूरी दिलाने में भी ट्रंप को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
राष्ट्रपति के कार्यकाल के बचे हुए दो वर्षों में अपने एजेंडे को लागू करना अब पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में व्हाइट हाउस के नेतृत्व में किया गया यह बदलाव राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रंप के साथ लंबे समय से जुड़ी रही थीं सुसी वाइल्स
सुसी वाइल्स ने ट्रंप के राजनीतिक सफर में कई अहम पड़ावों पर उनके साथ काम किया। वर्ष 2016 के चुनाव अभियान से लेकर 2024 के राष्ट्रपति चुनाव तक वह उनकी टीम की महत्वपूर्ण सदस्य रहीं। वर्ष 2020 में फ्लोरिडा में ट्रंप के प्रचार अभियान की जिम्मेदारी संभालने के बाद 2024 में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी रणनीति तैयार करने में भूमिका निभाई।
दूसरे कार्यकाल में चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त होने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति कार्यालय के प्रशासनिक कामकाज और राजनीतिक प्राथमिकताओं के बीच समन्वय बनाया। वह ट्रंप के अब तक के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाली चीफ ऑफ स्टाफ भी रहीं। उनके पद से हटने के साथ ही व्हाइट हाउस के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।
न्याय विभाग में भी वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे
चुनावी नतीजों के बाद अमेरिकी प्रशासन में बदलाव केवल व्हाइट हाउस तक सीमित नहीं हैं। न्याय विभाग में भी वरिष्ठ अधिकारियों के पद छोड़ने का सिलसिला सामने आया है। शुक्रवार को विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के प्रमुख जॉन आइजनबर्ग और फ्लोरिडा के दक्षिणी जिले के पूर्व अमेरिकी अटॉर्नी जेसन रेडिंग क्विनोनेस शामिल हैं।
इन दोनों अधिकारियों के इस्तीफे से एक दिन पहले नागरिक अधिकार विभाग की प्रमुख हरमीत ढिल्लों ने भी गुरुवार को अपना पद छोड़ दिया था। लगातार सामने आ रहे इन इस्तीफों के कारण अमेरिकी प्रशासन में संभावित व्यापक बदलावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
नई टीम के साथ आगे बढ़ेंगे ट्रंप, सामने होंगी राजनीतिक चुनौतियां
मिडटर्म चुनाव में मिली हार के बाद ट्रंप प्रशासन के सामने अब अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की चुनौती है। प्रतिनिधि सभा और सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के चलते सरकार के विधायी एजेंडे पर असर पड़ सकता है। वहीं, संसदीय समितियों के जरिए प्रशासन के कामकाज की निगरानी भी बढ़ सकती है।
ऐसे समय में स्टीफन मिलर को चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी देना ट्रंप की टीम में अहम बदलाव है। मिलर पहले से ही आव्रजन और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों पर राष्ट्रपति के करीबी सलाहकार रहे हैं। अब देखना होगा कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वह व्हाइट हाउस के कामकाज और ट्रंप की राजनीतिक रणनीति को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।



