Tiger Shroff Firing Case: डेड लेटर बॉक्स से हथियारों की सप्लाई, सोनीपत से अमृतसर और फिर मुंबई तक पहुंची पिस्टल

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार की सप्लाई के लिए कथित तौर पर डेड लेटर बॉक्स तरीका अपनाया गया। जांच में कुणाल, सुमित और दो महिलाओं की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

Tiger Shroff Firing Case: अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क को लेकर नई जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल को आरोपियों तक पहुंचाने के लिए कथित तौर पर ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीके का इस्तेमाल किया गया। इस नेटवर्क की कड़ियां हरियाणा के सोनीपत से पंजाब के अमृतसर और फिर महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई तक जुड़ती बताई जा रही हैं।

जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, हथियारों को पहले से तय स्थान पर रखा गया था, जहां से दूसरे लोगों ने उन्हें उठाया। इस पूरी प्रक्रिया में हथियार रखने और उन्हें लेने वाले लोगों के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि, मामले में सामने आए इन दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों के आधिकारिक निष्कर्षों से होना बाकी है।

क्या है डेड लेटर बॉक्स का तरीका?

‘डेड लेटर बॉक्स’ एक ऐसा तरीका है, जिसमें कोई व्यक्ति किसी सामान या संदेश को पहले से निर्धारित स्थान पर रख देता है। इसके बाद दूसरा व्यक्ति उस जगह पहुंचकर उसे उठा लेता है। दोनों के बीच आमने-सामने मुलाकात नहीं होती, जिससे उनकी पहचान और आपसी संपर्क को छिपाने की कोशिश की जा सकती है।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में सूत्रों के मुताबिक, हथियारों की सप्लाई के लिए भी इसी तरीके का इस्तेमाल किए जाने का संदेह है। बताया जा रहा है कि दो आरोपी कुणाल और सुमित करीब दो सप्ताह पहले पंजाब के अमृतसर पहुंचे थे। उन्हें पहले से जानकारी दी गई थी कि हथियार कहां रखे गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कुणाल को अनिल पंडित ने इस जगह की जानकारी दी थी। दोनों के बीच एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क होने की बात सामने आई है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस तरीके से हथियारों की सप्लाई में शामिल लोगों ने एक-दूसरे से सीधे मिलने से बचने की कोशिश की।

हथियार पहुंचाने के लिए 70 से 80 हजार रुपये देने का दावा

मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अनिल पंडित ने हथियारों को आगे पहुंचाने के काम के लिए आरोपियों को करीब 70 से 80 हजार रुपये दिए थे। इस रकम में से लगभग 10 से 12 हजार रुपये बबीता और राधा नाम की दो महिलाओं को दिए जाने का दावा किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों महिलाओं को हथियार मुंबई तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दोनों हरियाणा के सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए अलग-अलग लोगों की मदद ली गई, ताकि पूरी सप्लाई चेन में किसी एक व्यक्ति के पास सभी जानकारियां न हों।

हालांकि, पैसों के लेन-देन और महिलाओं की कथित भूमिका से जुड़ी जानकारी फिलहाल सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इन दावों को अदालत में साबित हुए तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

जुलाई में जेल से बाहर आया था कुणाल

रिपोर्ट के मुताबिक, कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से बाहर आया था। जेल से रिहाई के बाद एक दोस्त के जरिए उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई। इसके बाद दोनों एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप पर संपर्क में रहने लगे।

सूत्रों के अनुसार, करीब दो सप्ताह पहले अनिल पंडित ने कुणाल को अमृतसर से हथियार लेने और उन्हें मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी। जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि कुणाल ने हथियारों को मुंबई तक पहुंचाने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड राधा की मदद ली।

बताया जा रहा है कि कुणाल और राधा की मुलाकात करीब दो महीने पहले हुई थी। कुणाल के कहने पर राधा के बबीता के साथ मुंबई जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। पुलिस इस कथित नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका और उनके बीच संपर्क की कड़ियों की जांच कर रही है।

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जांच में हथियारों की सप्लाई चेन पर फोकस

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में हथियार कहां से आए, उन्हें किसने उपलब्ध कराया और मुंबई तक पहुंचाने में किन लोगों ने मदद की—ये जांच के अहम पहलू हैं। डेड लेटर बॉक्स के कथित इस्तेमाल से यह सवाल भी उठता है कि क्या हथियारों की सप्लाई के लिए पहले से तय नेटवर्क और संपर्क के अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल किया गया था।

फिलहाल, मामले में सामने आई जानकारियां मीडिया रिपोर्ट और जांच से जुड़े सूत्रों पर आधारित हैं। जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही हथियारों की सप्लाई के पूरे नेटवर्क तथा इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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