PM Modi: PM मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से की बात, फ्लाईदुबई घटना के बाद साहस को सराहा; बोले- भारत आपके स्वागत के लिए उत्सुक
फ्लाईदुबई FZ1073 घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की और उनके साहस व सूझ-बूझ की सराहना की।
PM Modi: फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई हिंसक घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए संघर्ष करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत की। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन मच्छार का हाल जाना और घटना के दौरान उनके साहस, संयम और सूझ-बूझ की सराहना की। बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार ने उस भयावह घटना के बारे में प्रधानमंत्री को विस्तार से बताया और यह भी साझा किया कि मुश्किल समय में उन्हें हिम्मत कैसे मिली।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि संकट की उस घड़ी में कैप्टन मच्छार ने जिस तरह परिस्थितियों का सामना किया, उससे बड़ी संख्या में यात्रियों की जान बचाने में मदद मिली।
गंभीर चोट के बावजूद नहीं छोड़ा हौसला
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी, जब विमान के कॉकपिट में हिंसक घटना हुई। इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए। घटना के बाद विमान को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा और यात्रियों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन मच्छार ने घायल होने के बावजूद विमान को सुरक्षित रखने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी रखी। बाद में विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ा गया। घटना में घायल कैप्टन मच्छार को चिकित्सा सहायता दी गई और उन्हें आगे के इलाज के लिए अबू धाबी स्थानांतरित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पीएम मोदी ने की साहस और सूझ-बूझ की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन मच्छार से बातचीत के दौरान उनके साहस की सराहना की। मोदी ने कहा कि बेहद गंभीर परिस्थिति और चोट के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जिस दृढ़ता का परिचय दिया, वह उल्लेखनीय है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में भी मोदी ने कैप्टन मच्छार को साहस की मिसाल बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना मुकाबला किया और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। मोदी ने कहा कि 140 करोड़ भारतीय कैप्टन स्मित के साहस को सलाम करते हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
कैप्टन मच्छार ने बताया कैसे जुटाई हिम्मत
प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने घटना के दौरान अपने अनुभव साझा किए। सामने आई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने बताया कि विमान के भीतर हालात बेहद मुश्किल थे और उस समय उनके सामने कुछ ही क्षणों में महत्वपूर्ण फैसले लेने की चुनौती थी।
रिपोर्टों के अनुसार, कैप्टन मच्छार ने बातचीत में बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट तक पहुंचने और स्थिति को संभालने के लिए आखिरी प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करने का भी जिक्र किया।
‘भारत आपके स्वागत के लिए उत्सुक है’
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। मोदी ने कहा कि देश उनके साथ खड़ा है और उनके स्वस्थ होकर भारत लौटने का इंतजार कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने इससे पहले भी कैप्टन मच्छार के साहस को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि कैप्टन ने अपनी जान की चिंता किए बिना बहादुरी से मुकाबला किया और एक और 9/11 जैसी घटना को रोकने में मदद की।
‘जान बचाने वालों में से हैं हिंदुस्तानी’
प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत के दौरान भारतीयों की मानवीय भावना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कैप्टन की सूझ-बूझ और धैर्य ने कई लोगों की जान बचाने में भूमिका निभाई।
मोदी ने कहा कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं। उन्होंने कैप्टन मच्छार के साहस को देश के लिए गर्व का विषय बताया।
इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर देश और विदेश में लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की सराहना की थी। वहीं, अब प्रधानमंत्री मोदी से हुई बातचीत में कैप्टन मच्छार ने घटना के दौरान सामने आई परिस्थितियों और अपने अनुभव को साझा किया है।
फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी है। उनके स्वास्थ्य को लेकर भारतीय अधिकारियों की ओर से भी जानकारी साझा की गई है और बताया गया है कि उन्हें चिकित्सा सुविधा मिल रही है।



