Cyber Security: ऑनलाइन प्राइवेसी पर खतरा: ‘Accept All Cookies’ पर क्लिक करने से पहले सावधान, हो सकती है डेटा ट्रैकिंग

Cyber Security: बिना सोचे-समझे सभी कुकीज को एक्सेप्ट करने की आदत आपके पर्सनल डेटा और ब्राउजिंग आदतों को थर्ड-पार्टी कंपनियों तक पहुंचा सकती है। जानिए इससे बचने के आसान तरीके।

Cyber Security: स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर इंटरनेट चलाते समय अक्सर वेबसाइट्स पर प्रवेश करते ही एक पॉप-अप नजर आता है—”Accept All Cookies”। लगातार आने वाले इस पॉप-अप से परेशान होकर या काम में जल्दबाजी की वजह से ज्यादातर यूजर्स बिना पढ़े ही ‘Accept All’ पर क्लिक कर आगे बढ़ जाते हैं। हालांकि, आपकी यह जल्दबाजी आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी और पर्सनल डेटा की सुरक्षा में सेंध लगा सकती है। आइए समझते हैं कि डिजिटल दुनिया में हर जगह कुकीज को मंजूरी देना क्यों जोखिम भरा हो सकता है।

आखिर क्या होती हैं ‘कुकीज’ (Cookies)? सरल भाषा में कहें तो जब आप कोई वेबसाइट खोलते हैं, तो वह आपके वेब ब्राउजर में एक बहुत छोटी टेक्स्ट फाइल स्टोर कर देती है। इसे ही ‘कुकी’ कहा जाता है। यह फाइल वेबसाइट को यह याद रखने में मदद करती है कि आप पहले भी वहां आ चुके हैं। इसके माध्यम से आपका यूजर लॉगिन, चुनी गई भाषा और ई-कॉमर्स साइट्स पर कार्ट में रखा सामान सेव रहता है, जिससे हर बार नई सेटिंग नहीं करनी पड़ती।

हर बार ‘Accept All’ करना क्यों है जोखिम भरा? सभी कुकीज नुकसानदायक नहीं होतीं, लेकिन ‘Accept All Cookies’ चुनने का मतलब है कि आप उन कुकीज को भी अनुमति दे रहे हैं जो आपकी जरूरी सेवाओं से नहीं जुड़ी हैं। विशेष रूप से विज्ञापन देने वाली ‘ट्रैकिंग कुकीज’ आप पर नजर रखना शुरू कर देती हैं। आप इंटरनेट पर क्या ढूंढ रहे हैं, कौन से प्रोडक्ट्स देख रहे हैं और किस तरह के पेजों पर समय बिता रहे हैं—यह सारा डेटा एकत्र कर विज्ञापन कंपनियों को भेजा जाता है, जिससे आपको लक्षित (Targeted) विज्ञापन दिखाए जाते हैं।

कुकीज के 4 प्रमुख प्रकार:

  1. एसेंशियल कुकीज (Essential): ये वेबसाइट को सही ढंग से चलाने के लिए बेहद जरूरी हैं। इनके बिना वेबसाइट के मुख्य फीचर्स काम नहीं करेंगे।

  2. फंक्शनल कुकीज (Functional): ये आपकी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं, जैसे भाषा या लोकेशन को याद रखती हैं।

  3. एनालिटिक्स कुकीज (Analytics): ये वेबसाइट ओनर्स को यह समझने में मदद करती हैं कि यूजर्स उनकी साइट पर कैसा व्यवहार कर रहे हैं।

  4. एडवरटाइजिंग कुकीज (Advertising): ये अलग-अलग वेबसाइटों पर आपकी ब्राउजिंग एक्टिविटी को ट्रैक करके आपकी पसंद के हिसाब से विज्ञापन दिखाती हैं।

ट्रैकिंग और डेटा चोरी से बचने के लिए क्या करें? अपनी ऑनलाइन प्राइवेसी को मजबूत रखने के लिए कुछ सामान्य सावधानियां बरतनी जरूरी हैं:

  • ‘Manage Preferences’ का इस्तेमाल करें: पॉप-अप आने पर तुरंत ‘Accept All’ दबाने के बजाय ‘Customize’ या ‘Manage Preferences’ के ऑप्शन पर क्लिक करें और गैर-जरूरी ट्रैकिंग कुकीज को ऑफ कर दें।

  • थर्ड-पार्टी कुकीज ब्लॉक करें: अपने इंटरनेट ब्राउजर (Chrome, Safari, Edge आदि) की सेटिंग्स में जाकर ‘Block Third-Party Cookies’ का विकल्प चालू करें।

  • ब्राउजिंग हिस्ट्री साफ करें: समय-समय पर अपने ब्राउजर से कुकीज और कैशे (Cache) डेटा को क्लियर करते रहें।

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