International News: पनामा में फिर आया 6.1 तीव्रता का भूकंप, 7.7 के झटके के बाद दहशत में लोग; 10 KM गहराई में था केंद्र

शुक्रवार को 7.6 और 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद मंगलवार सुबह फिर झटके महसूस किए गए। ताजा भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था।

International News: पनामा में मंगलवार, 13 अक्टूबर की सुबह एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई। यह झटका ऐसे समय आया है, जब देश का दक्षिणी तटीय इलाका पिछले शुक्रवार को आए शक्तिशाली भूकंपों के असर से उबरने की कोशिश कर रहा है। लगातार आ रहे झटकों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

सुबह-सुबह भूकंप से हिली धरती

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार सुबह भारतीय समयानुसार 4 बजकर 50 मिनट 37 सेकंड पर पनामा में भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। भूकंप की तीव्रता 6.1 होने के कारण इसे शक्तिशाली झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

भूकंप के केंद्र की कम गहराई होने से आसपास के इलाकों में झटके ज्यादा महसूस किए जा सकते हैं। हालांकि, ताजा भूकंप के बाद जान-माल के नुकसान, इमारतों को हुए नुकसान या लोगों के घायल होने को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में नुकसान की स्थिति का आकलन आधिकारिक अपडेट के बाद ही किया जा सकेगा।

शुक्रवार को आए थे 7.6 और 7.7 तीव्रता के भूकंप

पनामा में ताजा भूकंप से पहले शुक्रवार को भी शक्तिशाली झटके दर्ज किए गए थे। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, उस दौरान भूकंप की तीव्रता 7.6 और 7.7 बताई गई थी। इन झटकों ने दक्षिणी तटीय क्षेत्र में लोगों को दहशत में डाल दिया था। इसके बाद से प्रभावित इलाके में लगातार आफ्टरशॉक्स यानी मुख्य भूकंप के बाद आने वाले झटके दर्ज किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।

शुक्रवार को आए भूकंप का केंद्र पनामा के हेरेरा प्रांत में पितालोजा अरिबा नामक सुदूर इलाके से करीब 10 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में बताया गया था। इसकी गहराई भी लगभग 10 किलोमीटर दर्ज की गई थी। कम गहराई पर आने वाले शक्तिशाली भूकंप सतह पर अधिक असर डाल सकते हैं, जिससे आसपास की इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

घरों और सरकारी इमारतों को पहुंचा था नुकसान

शुक्रवार को आए भूकंप के बाद सामने आई रिपोर्टों में कई इलाकों में घरों, स्कूलों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई थी। कुछ खबरों में लोगों के मामूली रूप से घायल होने की बात भी कही गई थी। हालांकि, उस समय उपलब्ध जानकारी के अनुसार, किसी की मौत या लापता होने की पुष्टि नहीं हुई थी।

लगातार भूकंपीय गतिविधियों के बीच प्रभावित इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। आफ्टरशॉक्स कभी-कभी मुख्य भूकंप के बाद कुछ समय तक आते रह सकते हैं। उनकी तीव्रता अलग-अलग हो सकती है और कुछ झटके कमजोर, जबकि कुछ नुकसान पहुंचाने में सक्षम हो सकते हैं।

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क्यों बढ़ रही है लोगों की चिंता?

एक के बाद एक शक्तिशाली भूकंप और उसके बाद आने वाले झटकों से प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है। लोगों को घरों और इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है, खासकर तब जब पहले के झटकों से निर्माण को नुकसान पहुंचा हो। ऐसे हालात में प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

भूकंप के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों में दोबारा प्रवेश करने से बचना चाहिए, जब तक उनकी सुरक्षा की जांच न हो जाए। झटके महसूस होने पर मजबूत मेज के नीचे या किसी सुरक्षित स्थान पर शरण लेना और खिड़कियों, कांच तथा भारी सामान से दूर रहना उपयोगी हो सकता है। खुले स्थान पर होने की स्थिति में इमारतों, बिजली के खंभों और अन्य संभावित खतरों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

फिलहाल, पनामा में मंगलवार को आए 6.1 तीव्रता के भूकंप के बाद नुकसान की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। शुक्रवार के शक्तिशाली भूकंपों के बाद ताजा झटके ने एक बार फिर इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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