International News: अमेरिका में गिरफ्तार हुआ गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से है दुश्मनी; एल्विश यादव के घर फायरिंग में भी आया था नाम
हरियाणा के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को FBI ने गिरफ्तार किया है। हत्या, रंगदारी और अन्य आपराधिक मामलों में वांछित हिमांशु के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी था।
International News: भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों में शामिल हिमांशु भाऊ को अमेरिका में FBI ने गिरफ्तार किया है। हरियाणा के रोहतक का रहने वाला हिमांशु हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित है। उस पर इंटरपोल ने रेड नोटिस भी जारी किया था। लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के साथ उसकी पुरानी दुश्मनी बताई जाती है। आइए जानते हैं कौन है हिमांशु भाऊ और किन मामलों में उसका नाम सामने आया है।
अमेरिका में FBI की हिरासत में आया हिमांशु भाऊ
हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की अमेरिका में गिरफ्तारी को भारतीय जांच एजेंसियों के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। हिमांशु दिल्ली-NCR और हरियाणा में हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश जैसे कई मामलों में वांछित रहा है। भारतीय एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं।
अगस्त 2023 में भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुरोध पर उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस का उद्देश्य सदस्य देशों में उसकी तलाश और संभावित गिरफ्तारी में सहयोग प्राप्त करना था, ताकि संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे भारत लाया जा सके।
हिमांशु भाऊ पर विदेश में रहकर भारत में अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित करने के आरोप भी लगते रहे हैं। हालांकि, अमेरिका में उसकी गिरफ्तारी के बाद भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया किस चरण में है, इसकी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी सामने आना जरूरी है।
कौन है गैंगस्टर हिमांशु भाऊ?
हिमांशु भाऊ का असली नाम हिमांशु रिटोली बताया जाता है। वह हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला है। वर्ष 2002 में जन्मे हिमांशु का नाम कम उम्र में ही आपराधिक गतिविधियों से जुड़ गया था। पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह किशोरावस्था में ही अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था।
बताया जाता है कि वर्ष 2020 में वह एक बाल सुधार गृह से कुछ अन्य कैदियों के साथ फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस की जांच में उसका नाम कई गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आया। उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, अवैध हथियार रखने और आपराधिक साजिश रचने जैसे आरोप लगाए गए।
पुलिस के मुताबिक, विदेश में रहने के बावजूद हिमांशु का नेटवर्क हरियाणा, दिल्ली-NCR और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहा। उस पर आरोप है कि वह विदेश से अपने साथियों के संपर्क में रहकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के निर्देश देता था। उसके गिरोह के सदस्यों पर भी कई आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप लगे हैं।
लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग से दुश्मनी
हिमांशु भाऊ का नाम हरियाणा और दिल्ली-NCR में सक्रिय संगठित अपराध के कई नेटवर्क के साथ जुड़ता रहा है। उसकी गैंग की लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े गिरोहों के साथ दुश्मनी की खबरें भी सामने आती रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिमांशु भाऊ के संबंध नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से जुड़े लोगों के साथ भी बताए जाते रहे हैं। इन आपराधिक नेटवर्क के बीच वर्चस्व, कारोबारी हितों और कथित बदले की घटनाओं को लेकर टकराव की खबरें आती रही हैं।
हालांकि, गैंगस्टरों के बीच गठजोड़ और दुश्मनी से जुड़ी जानकारी में अलग-अलग मामलों के तथ्यों की जांच जरूरी है। किसी व्यक्ति या गिरोह पर लगे आरोपों को अदालत में साबित होने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग मामले में भी आया नाम
हिमांशु भाऊ का नाम यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के बाद भी चर्चा में आया था। इस मामले को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स में हिमांशु भाऊ के गिरोह का जिक्र किया गया था।
इस घटना के बाद गैंगस्टर नेटवर्क और सोशल मीडिया से जुड़े चर्चित चेहरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि, इस मामले में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी, इसे संबंधित पुलिस जांच और आधिकारिक बयानों के आधार पर ही स्पष्ट माना जा सकता है।
हिमांशु भाऊ का नाम हरियाणा में हुई कई हत्याओं और रंगदारी के मामलों में भी सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने वर्ष 2022 में 24 घंटे के भीतर हुई तीन हत्याओं की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। ऐसे मामलों में उसकी कथित भूमिका की पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही की जा सकती है।
पुर्तगाल से अमेरिका तक पहुंचा, विदेश से गैंग चलाने का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिमांशु भाऊ पहले पुर्तगाल गया था और बाद में अमेरिका पहुंचा। भारतीय एजेंसियों को उसकी तलाश थी और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई थी।
जांच एजेंसियों को संदेह रहा है कि वह विदेश में रहते हुए भारत में सक्रिय अपने गिरोह के सदस्यों के संपर्क में था। दिल्ली-NCR और हरियाणा में उसके कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होती रही है।
सितंबर 2026 में दिल्ली पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद दो कथित शूटरों को गिरफ्तार किया था और मामले में एक नाबालिग को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस तरह की कार्रवाइयों के जरिए पुलिस कथित भाऊ गिरोह के नेटवर्क और उसके सदस्यों की भूमिका की जांच करती रही है।
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क्या भारत लाया जाएगा हिमांशु भाऊ?
अमेरिका में हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल उसके भारत प्रत्यर्पण को लेकर है। भारत में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियां उसे वापस लाने का प्रयास कर सकती हैं। हालांकि, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया संबंधित देशों के कानूनों, उपलब्ध दस्तावेजों और न्यायिक मंजूरी पर निर्भर करती है।
फिलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई और भारत लाए जाने की संभावित समयसीमा को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा। अगर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो भारतीय एजेंसियों को उससे जुड़े मामलों, कथित सहयोगियों और विदेश से संचालित आपराधिक नेटवर्क की जांच में मदद मिल सकती है।



