Diesel Sales: डीजल की बढ़ी मांग से पेट्रोल पंपों पर दबाव, Jio-bp और Nayara ने तय की खरीद सीमा
Diesel Sales: रिटेल पंपों पर सस्ता डीजल मिलने से बड़े खरीदारों की बढ़ी आवाजाही, Nayara पर 70 से 200 लीटर और Jio-bp पर 50 लीटर तक की दैनिक सीमा
Diesel Sales: डीजल से वाहन चलाने वाले ग्राहकों के लिए अहम खबर है। देश के कुछ निजी पेट्रोल पंपों पर अब डीजल खरीदने की मात्रा सीमित कर दी गई है। Jio-bp और Nayara Energy ने अपने रिटेल आउटलेट्स पर एक ग्राहक को एक दिन में मिलने वाले डीजल की अधिकतम मात्रा तय की है। यह बदलाव ऐसे समय आया है, जब रिटेल पंपों पर डीजल की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
बताया जा रहा है कि रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर होने के कारण बड़े खरीदार भी रिटेल पेट्रोल पंपों से डीजल लेने पहुंच रहे हैं। इससे सामान्य ग्राहकों के लिए रखे गए स्टॉक पर दबाव बढ़ा है। बढ़ती मांग के चलते कुछ आउटलेट्स पर डीजल का स्टॉक तेजी से कम होने की स्थिति बनी है।
सस्ता डीजल बना बड़े खरीदारों के लिए आकर्षण
रिटेल पंपों पर मिलने वाले डीजल की कीमत बल्क और औद्योगिक ग्राहकों के लिए उपलब्ध डीजल की तुलना में कम बताई जा रही है। कीमत में इस अंतर का फायदा उठाने के लिए बड़ी मात्रा में डीजल इस्तेमाल करने वाले ग्राहक भी रिटेल आउटलेट्स का रुख कर रहे हैं।
पहले बड़े ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक पेट्रोल पंपों से डीजल खरीद लेते थे, लेकिन अब बढ़ी हुई मांग का असर उपलब्ध स्टॉक पर दिखाई देने लगा है। कई आउटलेट्स पर लगातार अधिक बिक्री होने से कंपनियों के सामने डीजल की आपूर्ति और स्टॉक को संतुलित रखने की चुनौती पैदा हो गई है।
रिटेल और बल्क डीजल के दाम में बड़ा अंतर
जानकारी के मुताबिक, रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में करीब 40 रुपये प्रति लीटर तक का अंतर बताया जा रहा है। यह अंतर बड़े उपभोक्ताओं के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि ज्यादा मात्रा में डीजल खरीदने पर कुल लागत में बड़ा फर्क पड़ता है।
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। इसके बावजूद रिटेल पेट्रोल पंपों पर डीजल की कीमतों में मई के बाद से बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है। वहीं बल्क और औद्योगिक ग्राहकों के लिए डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप बदल रही हैं।
कीमतों के अंतर से बदला खरीदारी का पैटर्न
डीजल के रिटेल और बल्क बाजार के बीच कीमतों का अंतर बढ़ने से खरीदारी का तरीका भी प्रभावित हुआ है। जिन कारोबारों और बड़े उपभोक्ताओं को रोजाना ज्यादा डीजल की जरूरत होती है, उनमें से कुछ अब रिटेल पंपों से ईंधन लेने लगे हैं।
इसका असर सिर्फ कंपनियों की बिक्री पर ही नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध स्टॉक पर भी पड़ा है। यदि बड़ी मात्रा में खरीद लगातार जारी रहती है तो रिटेल आउटलेट्स पर सामान्य ग्राहकों के लिए उपलब्ध डीजल की मात्रा प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से निजी कंपनियों ने खरीद पर सीमा लगाने का फैसला किया है।
Nayara Energy में 70 से 200 लीटर तक की सीमा
बढ़ी हुई मांग को नियंत्रित करने के लिए Nayara Energy ने अपने रिटेल आउटलेट्स पर डीजल की खरीद को सीमित किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अलग-अलग आउटलेट्स पर एक ग्राहक को एक दिन में करीब 70 से 200 लीटर तक डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
यानी ग्राहक को मिलने वाली अधिकतम मात्रा हर जगह एक जैसी नहीं है। संबंधित आउटलेट पर लागू सीमा के अनुसार ही डीजल की बिक्री की जा रही है। इससे बड़े पैमाने पर एक साथ होने वाली खरीद को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
Jio-bp पर प्रतिदिन 50 लीटर की लिमिट
इसी तरह Jio-bp ने भी अपने रिटेल पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री की दैनिक सीमा तय की है। यहां एक ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 50 लीटर डीजल देने की सीमा बताई गई है।
इसका मतलब है कि जो ग्राहक एक बार में बड़ी मात्रा में डीजल खरीदना चाहते हैं, उन्हें अब निर्धारित सीमा का पालन करना होगा। कंपनी की ओर से यह कदम बढ़ी हुई मांग के बीच स्टॉक को व्यवस्थित रखने के लिए उठाया गया है।
आम वाहन चालकों पर क्या होगा असर?
इस फैसले से सबसे ज्यादा चर्चा उन ग्राहकों के बीच है, जो नियमित रूप से बड़ी मात्रा में डीजल खरीदते हैं। निजी कार या सामान्य वाहन इस्तेमाल करने वाले अधिकांश ग्राहकों की दैनिक जरूरत आमतौर पर तय सीमा से कम होती है। ऐसे में रोजमर्रा की सामान्य खरीद पर सीधा असर सीमित रह सकता है।
हालांकि, ट्रांसपोर्ट, निर्माण, कृषि या अन्य क्षेत्रों में ज्यादा डीजल की जरूरत वाले ग्राहकों के लिए यह सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे ग्राहकों को अपनी ईंधन जरूरतों के हिसाब से खरीद की योजना बनानी पड़ सकती है।
स्टॉक बचाने के लिए उठाया गया कदम
पेट्रोल पंपों पर डीजल की बढ़ती खपत के बीच कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्टॉक को बनाए रखना है। रिटेल पंपों से बड़े खरीदारों द्वारा अधिक मात्रा में खरीद किए जाने पर सामान्य उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध ईंधन पर दबाव पड़ सकता है।
इसी को देखते हुए खरीद की सीमा को एक अस्थायी प्रबंधन उपाय के तौर पर देखा जा रहा है। इससे कंपनियों को रिटेल आउटलेट्स पर डीजल की उपलब्धता को नियंत्रित करने और ज्यादा मात्रा में खरीद को सीमित करने में मदद मिल सकती है।
आगे कीमतों और सप्लाई पर रहेगी नजर
डीजल की कीमत और उपलब्धता आने वाले दिनों में कई कारकों पर निर्भर करेगी। खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, वैश्विक सप्लाई की स्थिति और रिटेल तथा बल्क डीजल की कीमतों के बीच का अंतर महत्वपूर्ण रहेगा।
यदि दोनों श्रेणियों के ईंधन की कीमतों में अंतर बना रहता है तो रिटेल पंपों पर अतिरिक्त मांग का दबाव भी जारी रह सकता है। ऐसे में कंपनियों द्वारा तय की गई खरीद सीमा कितने समय तक लागू रहती है और आगे इसमें कोई बदलाव होता है, इस पर भी ग्राहकों की नजर रहेगी।



