DG ISPR Statement: सेना का प्रवक्ता या स्टैंड-अप कॉमेडियन? DG ISPR के बयान ने उड़ाई पाक सेना की खिल्ली

DG ISPR Statement: पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता और इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DG ISPR) के प्रमुख का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अपने हालिया संबोधन के दौरान DG ISPR ने ऐसा बयान दिया, जिसकी भाषा को लेकर लोग हैरान हैं और इसे गंभीर सैन्य पद की गरिमा के विपरीत बताया जा रहा है।

बयान में इस्तेमाल किए गए शब्द—“मजा न करा दिया तो पैसे वापस”—को लेकर आलोचकों का कहना है कि यह किसी प्रचार कार्यक्रम या मनोरंजन शो की भाषा ज्यादा लगती है, न कि एक पेशेवर सैन्य प्रवक्ता की। सोशल मीडिया पर यूज़र्स इसे लेकर मीम्स बना रहे हैं और पाक सेना की संचार रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान सेना आंतरिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच अपनी छवि सुधारने की कोशिश में है, लेकिन इस तरह के बयान उलटा असर डाल सकते हैं। आलोचकों का कहना है कि DG ISPR का यह अंदाज़ सेना की गंभीरता को कमजोर करता है और संस्थान को मज़ाक का पात्र बना देता है।

हालांकि, पाक सेना की ओर से इस बयान को लेकर अब तक कोई आधिकारिक सफाई जारी नहीं की गई है।

Related Articles