UP Development Projects: भदोही की पहचान में बड़ा बदलाव, अब ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा जिला

UP Development Projects: सीएम योगी ने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास, कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर भी जोर

UP Development Projects:  उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की पहचान को लेकर रविवार को बड़ा ऐलान हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की, जहां उन्होंने जिले के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं की सौगात भी दी।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इनमें पूरी हो चुकी 65 परियोजनाओं का लोकार्पण और 47 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

संत रविदास के नाम से फिर जुड़ी जिले की पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में कहा कि अब भदोही जिला ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। इस घोषणा के साथ जिले के नाम को लेकर लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा को नया मोड़ मिला है।

भदोही का नाम पहले भी बदला जा चुका है। अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में जिले के नाम को लेकर फैसले हुए हैं। अब योगी सरकार की घोषणा के बाद एक बार फिर संत रविदास नगर नाम सामने आया है।

तीन विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों पर जोर

मुख्यमंत्री की ओर से घोषित परियोजनाएं केवल भदोही विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी कुल 112 विकास परियोजनाओं को कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

इन परियोजनाओं में करीब 440.84 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाओं का लोकार्पण और लगभग 899.27 करोड़ रुपये की 47 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

गंगा पर पुल और दूसरी बड़ी परियोजनाएं भी शामिल

विकास कार्यों के तहत ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में गंगा नदी पर करीब 320.51 करोड़ रुपये की लागत से पुल का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी इन योजनाओं में जगह दी गई है।

सरकार की ओर से इन परियोजनाओं को सड़क, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय विकास को गति देने से जोड़कर देखा जा रहा है।

50वें इंडिया कारपेट एक्सपो का भी शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने भदोही में इंडिया कारपेट एक्सपो के 50वें संस्करण का उद्घाटन भी किया। चार दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारतीय कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों और खरीदारों की भागीदारी है।

भदोही लंबे समय से हस्तनिर्मित और हाथ से बुने कालीनों के लिए देश-दुनिया में अपनी पहचान रखता है। ऐसे में एक्सपो को स्थानीय उद्योग के लिए नए बाजार और अंतरराष्ट्रीय कारोबार से जोड़ने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।

भदोही के हुनर को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कालीन उद्योग से जुड़े कारोबारियों और निर्यातकों से संवाद भी किया। सरकार की ओर से भदोही के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार और नए अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वाराणसी, भदोही और मिर्जापुर को मिलाकर सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे क्षेत्र के पारंपरिक उद्योगों को एक बड़े औद्योगिक और कारोबारी नेटवर्क से जोड़ने की योजना सामने आती है।

नाम के साथ विकास का भी संदेश

भदोही के नाम में बदलाव की घोषणा के साथ मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विकास और रोजगार से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख रहे। सरकार ने क्षेत्र की पारंपरिक पहचान को बनाए रखते हुए उसे आधुनिक बाजार, निवेश और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया।

अब ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम को लेकर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों में नाम परिवर्तन किस तरह लागू किया जाता है, यह अगला महत्वपूर्ण चरण होगा।

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