India Nepal Relations: भारत से रिश्तों को आगे बढ़ाने की तैयारी में नेपाल, नवंबर में नई दिल्ली आ सकते हैं बालेन शाह

India Nepal Relations: नेपाल की विदेश नीति के लिहाज से अहम हो सकता है बालेन शाह का भारत दौरा, आधिकारिक तारीखों का इंतजार

India Nepal Relations: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह नवंबर में भारत की यात्रा कर सकते हैं। पदभार संभालने के लगभग आठ महीने बाद प्रस्तावित यह दौरा उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा हो सकता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तीन दिवसीय यात्रा नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में आयोजित किए जाने की संभावना है।

हालांकि, बालेन शाह सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका जा चुके हैं, लेकिन भारत का प्रस्तावित दौरा उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा माना जा रहा है। अब तक भारत या नेपाल सरकार ने यात्रा की तारीखों और कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा नहीं की है।

‘द काठमांडू पोस्ट’ की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। इनमें बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, सीमा से संबंधित विषय और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हैं।

भारत-प्रथम परंपरा से अलग रहे हैं कुछ फैसले

नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। परंपरागत रूप से नेपाली प्रधानमंत्रियों की पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को प्राथमिकता दी जाती रही है। हालांकि, अलग-अलग प्रधानमंत्रियों ने समय-समय पर अन्य देशों की यात्रा को भी चुना है।

वर्ष 2008 में पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन का चयन किया था। वर्ष 2011 में झालानाथ खनाल संयुक्त राष्ट्र की एक बहुपक्षीय बैठक में भाग लेने के लिए तुर्किये गए थे। वहीं, 2021 में शेर बहादुर देउबा ने जलवायु सम्मेलन COP26 में शामिल होने के लिए ब्रिटेन की यात्रा की थी।

दिसंबर 2024 में सत्ता में वापसी के बाद केपी शर्मा ओली ने भी अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन को चुना था। यह फैसला भारत-प्रथम परंपरा से अलग माना गया। ओली ने उस समय कहा था कि भारत ने उन्हें आधिकारिक दौरे के लिए आमंत्रित नहीं किया था।

ऐसे में बालेन शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा को दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, यात्रा के क्रम को अकेले नेपाल की विदेश नीति में बदलाव का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण और विकास परियोजनाओं पर नजर

बालेन शाह का संभावित भारत दौरा नेपाल में अगस्त में आई भीषण बाढ़ के बाद हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल को राहत सामग्री और बचाव विशेषज्ञ भेजे थे। ऐसे में आपदा राहत, पुनर्निर्माण और भविष्य में आपदाओं से निपटने के लिए सहयोग जैसे विषय बातचीत में शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा, दोनों देशों के बीच चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा और नई परियोजनाओं की शुरुआत पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत और नेपाल के बीच भौगोलिक निकटता और साझा सीमा के कारण संपर्क व्यवस्था, व्यापार और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दे द्विपक्षीय संबंधों में अहम भूमिका निभाते हैं।

हालांकि, किन परियोजनाओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा या किन योजनाओं का औपचारिक उद्घाटन होगा, इसका विवरण अभी सामने नहीं आया है।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ होगी प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता

प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, बालेन शाह नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत कर सकते हैं। इसके अलावा, उनकी भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात भी संभावित है।

‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों देशों के अधिकारियों ने उन परियोजनाओं की सूची साझा की है, जिनका उद्घाटन या शुभारंभ बालेन शाह की यात्रा के दौरान किया जा सकता है। कई समझौतों और सहमति पत्रों यानी MoUs को लेकर भी बातचीत चलने की जानकारी दी गई है।

यदि इन प्रस्तावों पर सहमति बनती है, तो भारत और नेपाल के बीच विकास और संपर्क से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किसी समझौते के अंतिम रूप लेने की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही हो सकेगी।

रबी लामिछाने के भारत दौरे की भी रही चर्चा

बालेन शाह की प्रस्तावित यात्रा से पहले जून में नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने नई दिल्ली का दौरा किया था। रिपोर्ट के अनुसार, BJP मुख्यालय में उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की।

नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार केशव प्रधान ने जून में ‘इंडिया टुडे’ से बातचीत के दौरान कहा था कि लामिछाने के स्वागत के राजनीतिक मायने भी हो सकते हैं और इसका उद्देश्य नेपाली प्रधानमंत्री तक एक संदेश पहुंचाना भी हो सकता है। यह पत्रकार का आकलन था; इसे भारत या नेपाल सरकार की ओर से घोषित आधिकारिक उद्देश्य नहीं माना जाना चाहिए।

लामिछाने की यात्रा और बालेन शाह के प्रस्तावित दौरे के बीच राजनीतिक संदर्भों को लेकर चर्चा हो रही है, लेकिन दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार

बालेन शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर तैयारियों की खबरों के बीच अब दोनों देशों की ओर से औपचारिक घोषणा का इंतजार है। यात्रा की तारीखें, बैठकों का कार्यक्रम और संभावित समझौतों का अंतिम विवरण सामने आने के बाद ही इसके एजेंडे की स्पष्ट तस्वीर मिलेगी।

भारत और नेपाल के बीच व्यापार, संपर्क, बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं इस दौरे को महत्वपूर्ण बनाती हैं। प्रस्तावित बातचीत से दोनों देशों के बीच जारी परियोजनाओं और भविष्य के सहयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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