Global Fuel Prices: रूस से डीजल खरीदने पर अमेरिका ने दी बड़ी छूट, ट्रंप-पुतिन की बातचीत के बाद बदला फैसला
Global Fuel Prices: वैश्विक बाजार में ईंधन की किल्लत और बढ़ती कीमतों के बीच रूसी डीजल से जुड़े लेनदेन को 7 अप्रैल 2027 तक राहत, आपूर्ति बढ़ाने का ट्रंप ने किया दावा
Global Fuel Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिका ने रूसी ईंधन से जुड़े प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देने का फैसला किया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने रूसी मूल के डीजल की बिक्री, आपूर्ति और आयात से संबंधित कुछ लेनदेन को 7 अप्रैल 2027 तक मंजूरी दी है। यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत के बाद की गई।
ट्रंप के मुताबिक, रूस ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीजल की आपूर्ति बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब दुनिया के कई हिस्सों में ईंधन की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले महंगाई पर नियंत्रण रखना भी ट्रंप प्रशासन के लिए अहम चुनौती बना हुआ है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने क्या कहा?
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के आदेश में रूसी मूल के डीजल की बिक्री, आपूर्ति, जहाज से उतारने और आयात से जुड़े निर्धारित लेनदेन को प्रतिबंधों से छूट दी गई है। इसमें अमेरिका में डीजल आयात करने से संबंधित गतिविधियां भी शामिल हैं।
यह राहत स्थायी नहीं है। आदेश के अनुसार, छूट अमेरिकी पूर्वी डेलाइट समय के मुताबिक 7 अप्रैल 2027 को रात 12 बजकर एक मिनट तक प्रभावी रहेगी। इससे निर्धारित शर्तों के तहत रूसी डीजल से जुड़े कुछ कारोबारी लेनदेन जारी रखे जा सकेंगे।
रूस की ओर से कितनी आपूर्ति का दावा?
ट्रंप ने रूस की प्रस्तावित डीजल आपूर्ति को लेकर कई चरणों का जिक्र किया। उनके अनुसार, रूस तत्काल 3 लाख टन से अधिक डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर उसके तुरंत बाद 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर यह भी दावा किया कि रूसी रिफाइनरियों की स्थिति को देखते हुए आगे 30 लाख टन डीजल अतिरिक्त रूप से भेजा जा सकता है।
हालांकि, इन घोषणाओं का बाजार पर वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि घोषित मात्रा में कितना ईंधन भेजा जाता है और उसकी आपूर्ति किन देशों तथा बाजारों तक पहुंचती है।
रूसी रिफाइनरियों पर हमलों से प्रभावित हुई आपूर्ति
वैश्विक बाजार में डीजल की कीमतों में तेजी के पीछे रूस की रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों को भी एक कारण माना जा रहा है। इन हमलों से रूसी ईंधन उत्पादन और निर्यात प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध डीजल की मात्रा पर दबाव बढ़ा।
इसके अलावा सऊदी अरब की रिफाइनरियों पर हूती मिलिशिया के हमलों ने भी ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। जब उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित होते हैं, तो बाजार में उपलब्धता घटने से कीमतों में तेजी आ सकती है।
अमेरिकी उपभोक्ताओं को राहत देने की चुनौती
ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। डीजल महंगा होने से ट्रक परिवहन, माल ढुलाई, कृषि और कई औद्योगिक गतिविधियों की लागत बढ़ सकती है। इसका असर वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
नवंबर में मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप प्रशासन पर महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर दबाव है। ऐसे में रूसी डीजल से जुड़े प्रतिबंधों में छूट देने के फैसले को ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या अब डीजल सस्ता हो जाएगा?
अमेरिकी फैसले के बाद रूसी डीजल की खरीद और आपूर्ति से जुड़े कुछ लेनदेन आसान हो सकते हैं, लेकिन इससे कीमतों में तत्काल गिरावट की गारंटी नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीजल के दाम उत्पादन, मांग, परिवहन लागत, रिफाइनरियों की स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कई कारकों से प्रभावित होते हैं।
यदि रूस की ओर से घोषित आपूर्ति समय पर बाजार तक पहुंचती है, तो उपलब्धता में सुधार हो सकता है। इसके बावजूद कीमतों में कितनी राहत मिलेगी, यह आने वाले समय में बाजार की परिस्थितियों से स्पष्ट होगा।
ऊर्जा बाजार पर रहेगी दुनिया की नजर
ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत के बाद अमेरिकी प्रतिबंधों में दी गई अस्थायी छूट वैश्विक ऊर्जा कारोबार के लिए अहम घटनाक्रम है। इससे रूस के डीजल से जुड़े कुछ लेनदेन को निर्धारित अवधि तक राहत मिली है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि रूस अपनी आपूर्ति बढ़ाने के वादे को किस हद तक पूरा करता है और अमेरिकी फैसले का अंतरराष्ट्रीय ईंधन बाजार पर कितना असर पड़ता है।



