Shankargarh: 11 अक्टूबर से रास्ते का काम शुरू कराने के भरोसे पर थमा पुतला दहन, किसान यूनियन का धरना जारी
Shankargarh: जिगना-बंधवा गांव की समस्या को लेकर प्रशासन और किसानों में हुई वार्ता, 12 अक्टूबर को कोर कमेटी तय करेगी आंदोलन की अगली दिशा
Shankargarh: जिगना और बंधवा गांव के ग्रामीणों की रास्ते की समस्या को लेकर कई दिनों से चल रहे किसान आंदोलन में रविवार को प्रशासन के आश्वासन के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने जूही भागदेवा चौराहे पर प्रस्तावित पुतला दहन कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया। प्रशासन ने 11 अक्टूबर से रास्ते का काम शुरू कराने का भरोसा दिया है।
धरना स्थल पर पहुंचे एसीपी बारा और थाना शंकरगढ़ के थानाध्यक्ष ने किसान यूनियन के पदाधिकारियों से बातचीत की। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने मौके से ही एसडीएम बारा और बीडीओ शंकरगढ़ से फोन पर बात कराई। संबंधित अधिकारियों की ओर से काम शुरू कराने की तारीख बताए जाने के बाद किसान नेताओं ने पुतला दहन का कार्यक्रम टालने पर सहमति जताई।
आश्वासन के बाद लिया गया फैसला
किसान यूनियन की ओर से जूही भागदेवा चौराहे पर पुतला दहन का कार्यक्रम प्रस्तावित था। संगठन का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं और इसी मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है।
रविवार को अधिकारियों के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से 11 अक्टूबर से रास्ते का काम शुरू कराने का आश्वासन मिलने के बाद संगठन ने टकराव की स्थिति को टालते हुए पुतला दहन स्थगित कर दिया।
आंदोलन खत्म नहीं हुआ
किसान यूनियन ने साफ किया है कि पुतला दहन स्थगित करने का मतलब आंदोलन समाप्त करना नहीं है। धरना-प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार अब उनकी नजर 11 अक्टूबर पर रहेगी। यदि प्रशासन के आश्वासन के मुताबिक निर्धारित तारीख से रास्ते का काम शुरू हो जाता है तो उसके बाद आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
12 अक्टूबर को होगी कोर कमेटी की बैठक
किसान यूनियन ने आगे की रणनीति तय करने के लिए 12 अक्टूबर को कोर कमेटी की बैठक बुलाने की बात कही है। इस बैठक में 11 अक्टूबर को प्रशासन की ओर से किए गए वादे के मुताबिक काम शुरू हुआ या नहीं, इसकी समीक्षा की जाएगी।
इसके बाद संगठन यह तय करेगा कि धरना जारी रखा जाए, समाप्त किया जाए या मांग को लेकर आंदोलन को किसी दूसरे तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
अधिकारियों और किसानों के बीच हुई सीधी बातचीत
रविवार को धरना स्थल पर हुई वार्ता में एसीपी बारा और थानाध्यक्ष शंकरगढ़ मौजूद रहे। वहीं एसडीएम बारा ऑनलाइन माध्यम से बातचीत में जुड़े और बीडीओ शंकरगढ़ भी वार्ता के दौरान उपस्थित रहे।
इस दौरान किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने गांवों की रास्ते से जुड़ी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। अधिकारियों की ओर से समस्या के समाधान की दिशा में 11 अक्टूबर से काम शुरू कराने का भरोसा दिया गया।
धरना स्थल पर जुटे रहे किसान और मजदूर
आंदोलन के दौरान धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और यूनियन के कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन की ओर से सुरेंद्र सिंह एडवोकेट, जिला महासचिव, राजेश्वर सिंह तहसील अध्यक्ष बारा, यतेन्द्र प्रताप सिंह ब्लॉक अध्यक्ष शंकरगढ़, मान बहादुर सिंह, शिव नारायण सिंह, लल्लू प्रसाद, कन्हैया लाल, अर्जुन सिंह, चंद्रपाल सिंह, कृष्णा बहादुर सिंह, वीर बहादुर सिंह, लक्ष्मीकांत, अनिल, कमला प्रसाद और दीपू सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब प्रशासन के कदम पर टिकी निगाहें
किसान यूनियन ने फिलहाल प्रशासन के आश्वासन को देखते हुए पुतला दहन टाल दिया है। अब संगठन की नजर 11 अक्टूबर से होने वाले कथित कार्य पर है।
किसान नेताओं का कहना है कि रास्ते की समस्या का समाधान होने तक उनकी गतिविधियां जारी रहेंगी। 11 अक्टूबर को काम शुरू होने के बाद 12 अक्टूबर की बैठक में आगे का फैसला लिया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई इस आंदोलन की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।



