Asian Games 2026: मैरी कॉम के बाद लवलीना ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में जीता सोना
Asian Games 2026: महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में बाओ जियी को 5-0 से हराकर हासिल किया पहला एशियन गेम्स गोल्ड
Asian Games 2026: भारतीय मुक्केबाजी के लिए 2 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक बन गया। लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से शिकस्त दी। इस जीत के साथ लवलीना ने एशियन गेम्स में महिला बॉक्सिंग के स्वर्ण पदक के लिए भारत का 12 साल लंबा इंतजार खत्म किया।
फाइनल में शुरू से बनाई पकड़
लवलीना और बाओ जियी के बीच मुकाबले में शुरुआती दौर से ही कड़ा संघर्ष देखने को मिला। भारतीय मुक्केबाज ने अपनी लंबी पहुंच और सटीक पंचों का इस्तेमाल करते हुए मुकाबले में बढ़त बनाई। शुरुआती दो राउंड में दोनों के बीच मुकाबला करीबी रहा, लेकिन निर्णायक राउंड में लवलीना ने अपना दबदबा बढ़ा दिया।
अंतिम राउंड में उन्होंने लगातार आक्रामक हमले किए और मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया। पांचों जजों ने भारतीय मुक्केबाज को विजेता माना और 5-0 के फैसले के साथ लवलीना के नाम स्वर्ण पदक दर्ज हो गया।
मैरी कॉम के बाद दूसरा भारतीय नाम
लवलीना की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्स की महिला बॉक्सिंग स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली वह दूसरी महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह कारनामा मैरी कॉम ने 2014 के एशियन गेम्स में किया था।
इस तरह करीब 12 साल बाद एक बार फिर भारतीय महिला मुक्केबाजी को एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक मिला है।
सिल्वर से गोल्ड तक पहुंचा सफर
लवलीना के लिए इस जीत का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए पदक का रंग बदल दिया और सीधे स्वर्ण पर कब्जा जमाया।
एशियन गेम्स 2026 में लवलीना ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की सेओंग सुयोन को 5-0 से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से मात देकर फाइनल का टिकट हासिल किया।
जन्मदिन पर मिला यादगार तोहफा
लवलीना का फाइनल मुकाबला उनके जन्मदिन के दिन हुआ। ऐसे में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने इस दिन को अपने खेल करियर की यादगार उपलब्धियों में शामिल कर लिया। फाइनल में जीत के साथ उन्होंने न केवल व्यक्तिगत रूप से पदक का रंग बदला, बल्कि भारतीय महिला बॉक्सिंग के रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज कराया।
भारत के पदक अभियान में जुड़ा एक और गोल्ड
लवलीना की जीत से एशियन गेम्स 2026 में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में भी इजाफा हुआ। 75 किलोग्राम वर्ग में हासिल किया गया यह स्वर्ण भारतीय दल के लिए बॉक्सिंग रिंग से आई अहम उपलब्धियों में शामिल हो गया।
लवलीना अब एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय महिला मुक्केबाजों की उस सूची में शामिल हो गई हैं, जिसमें इससे पहले सिर्फ मैरी कॉम का नाम था। 2022 में रजत पदक के बाद 2026 में स्वर्ण तक पहुंचना उनके एशियन गेम्स सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया है।



