Yogi Adityanath: तकनीक और संसाधनों से मजबूत हो रही यूपी पुलिस, योगी ने बताया सुरक्षा का नया मॉडल

Yogi Adityanath: 87 इंटरसेप्टर वाहनों को मिली हरी झंडी, वीर पुलिसकर्मियों का सम्मान; ‘संघर्ष’ पुस्तक के विमोचन पर पुलिस सुधारों और बदलती चुनौतियों पर बोले मुख्यमंत्री

Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों से लैस करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि बदलते समय के साथ पुलिस के सामने अपराध और सुरक्षा की चुनौतियां भी बदल रही हैं, ऐसे में पुलिस बल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना जरूरी है।

लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान वीर पुलिसकर्मियों को पदक देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को विकास से जोड़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को गति देने के लिए नागरिकों का सुरक्षित वातावरण में रहना जरूरी है। सुरक्षा की भावना मजबूत होने पर ही लोग निर्भीक होकर अपने कामकाज और विकास की गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।

उन्होंने यूपी पुलिस की थीम ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना भी उसका महत्वपूर्ण दायित्व है।

पुराने दौर की कानून-व्यवस्था का किया जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश के कई हिस्सों में अपराध और माफिया का प्रभाव पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ था। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर समानांतर व्यवस्था जैसी परिस्थितियां बन गई थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावी कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस को पर्याप्त संसाधन, प्रशिक्षण और स्वतंत्र रूप से काम करने का वातावरण मिलना आवश्यक है। उन्होंने पूर्ववर्ती दौर में पुलिस के सामने मौजूद बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया।

पुलिस सुधारों को बताया जरूरी

मुख्यमंत्री ने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह के पुलिस सुधारों से जुड़े प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस व्यवस्था में संस्थागत सुधार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जाती रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस सुधारों को आगे बढ़ाने के साथ प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव किए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में सात पुलिस कमिश्नरेट कार्य कर रहे हैं।

तीन आधारों पर आधुनिक पुलिसिंग

योगी ने यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली में विचार, वीरता और तकनीक के समन्वय को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को नई तकनीक के साथ-साथ अपने मूल कर्तव्यों और साहसिक कार्यशैली को भी बनाए रखना होगा।

उनके अनुसार आधुनिक पुलिसिंग में तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा दोनों क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

सड़क सुरक्षा के लिए इंटरसेप्टर वाहन

कार्यक्रम में रवाना किए गए 87 इंटरसेप्टर वाहनों को सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने से जोड़कर देखा जा रहा है। आधुनिक उपकरणों से लैस इन वाहनों की मदद से यातायात नियमों के उल्लंघन की निगरानी और प्रभावी प्रवर्तन में पुलिस को सहायता मिलेगी।

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नियमों का पालन सुनिश्चित करना और तेज गति वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है।

‘संघर्ष’ में पुलिस सेवा के अनुभव

पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ के विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सेवा में काम करते हुए अधिकारियों को लगातार अलग-अलग परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि किसी विचार की उपयोगिता तभी साबित होती है, जब वह व्यवहार और कार्यप्रणाली में दिखाई दे। उनके मुताबिक प्रकाश सिंह ने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान पुलिस व्यवस्था से जुड़ी अनेक चुनौतियों का सामना किया और पुलिस सुधार के विषय को लगातार उठाया।

तराई क्षेत्र की सुरक्षा चुनौती भी याद की

मुख्यमंत्री ने उस दौर का भी उल्लेख किया जब तराई क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां गंभीर थीं। उन्होंने कहा कि पहले कई इलाकों में शाम के बाद सामान्य आवागमन भी प्रभावित होता था और लोगों को सुरक्षा बलों पर निर्भर रहना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि प्रकाश सिंह ने डीजीपी रहते हुए ऐसी परिस्थितियों में पुलिस के सामने मौजूद चुनौतियों का सामना किया था।

पुलिसकर्मियों के योगदान को किया रेखांकित

समारोह में वीर पुलिसकर्मियों को पदक प्रदान कर उनके योगदान को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और उनके साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान पूरे पुलिस बल के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने पुलिस सेवा में शहादत देने वाले जवानों के योगदान को भी याद किया और कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में पुलिसकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

‘बंद कमरे में टिप्पणी करना आसान’

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यवस्था पर टिप्पणी करना आसान है, लेकिन जब सुरक्षा का वातावरण कमजोर होता है तो उसके प्रभाव आम लोगों के जीवन पर दिखाई देते हैं। उनके मुताबिक सुरक्षित माहौल समाज में सकारात्मक सोच और आर्थिक गतिविधियों के लिए आधार तैयार करता है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी नागरिकों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जिसमें वे बिना भय के अपने दैनिक कार्य कर सकें।

तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर आगे भी जोर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन से स्पष्ट रहा कि सरकार पुलिस व्यवस्था में तकनीक, आधुनिक उपकरणों और संस्थागत सुधारों को महत्वपूर्ण मान रही है। इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती से सड़क सुरक्षा और यातायात प्रवर्तन की क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

वहीं, पुलिस पदक समारोह और ‘संघर्ष’ पुस्तक के विमोचन के जरिए पुलिस सेवा के अनुभव तथा जवानों के योगदान को भी कार्यक्रम में प्रमुख स्थान दिया गया।

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