Congress CWC: SIR विवाद पर कांग्रेस का रुख और सख्त, CWC में पांच मांगों के साथ खड़गे ने उठाया चुनाव आयोग पर सवाल

Congress CWC: CWC बैठक में मतदाता सूची में बदलावों की पारदर्शिता पर जोर, प्रियंका गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई

Congress CWC: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को अपनी रणनीति को और स्पष्ट किया। नई दिल्ली में हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची में हुए बदलावों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग रखी। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पार्टी के रुख और SIR को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।

मतदाता सूची को लेकर पांच प्रमुख मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक में मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर पांच प्रमुख मांगें सामने रखीं। इनमें बड़े पैमाने पर हुए बदलावों का पूरा आंकड़ा सार्वजनिक करना, जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं उन्हें इसकी सूचना देकर अपील का अवसर देना, राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और संबंधित आंकड़े समय पर उपलब्ध कराना शामिल है।

इसके अलावा कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में सामने आई कथित गंभीर विसंगतियों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों और फैसलों में अधिक पारदर्शिता की मांग की।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

CWC बैठक में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपना विरोध दोहराया। पार्टी की ओर से उनके इस्तीफे की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि SIR और मतदाता सूची में बदलावों की प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी पहले ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुकी हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्तों को मिले कानूनी संरक्षण को लेकर भी सवाल उठाए थे और इसमें बदलाव की मांग की थी।

राहुल गांधी ने नेताओं से जनस्तर पर जाने को कहा

CWC बैठक में राहुल गांधी ने SIR के मुद्दे पर पार्टी नेताओं से जनता के बीच जाने और इस विषय को व्यापक स्तर पर उठाने की बात कही। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में होने वाले बदलावों का सीधा संबंध मतदाताओं के अधिकारों से है और इस प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता जरूरी है।

बैठक में पार्टी की ओर से आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर भी विचार किया गया।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने आयोग के भीतर मतभेद से जुड़ी खबरों पर कहा है कि संस्थागत deliberations के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के अनुसार उसके आदेश निर्धारित कानूनी और वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत जारी किए जाते हैं।

SIR को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने निर्णय प्रक्रिया और अपने आदेशों की वैधानिकता का बचाव किया है।

30 सितंबर को INDIA ब्लॉक की बैठक

CWC की बैठक के बाद विपक्षी दलों की नजर अब 30 सितंबर को होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक पर है। इस बैठक में SIR, चुनाव आयोग से जुड़े विवाद और आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा प्रस्तावित है।

इस तरह कांग्रेस ने CWC के जरिए SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर अपनी मांगों को औपचारिक रूप से सामने रखा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और विपक्षी दलों की संयुक्त राजनीतिक गतिविधियों में भी प्रमुखता से उठ सकता है।

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