NCERT: कक्षा 9 के छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, NCERT ने जारी की नई गणित पुस्तक
NCERT: नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में बदलाव, छात्रों को मिलेंगी अपडेटेड किताबें
NCERT: देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 के लिए संशोधित पाठ्यपुस्तकों को जारी करना शुरू कर दिया है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए तैयार की गई नई किताबें चरणबद्ध तरीके से छात्रों तक पहुंचाई जा रही हैं। इसके तहत गणित विषय की नई पुस्तक बाजार में उपलब्ध हो चुकी है, जबकि सामाजिक विज्ञान की संशोधित पुस्तक भी जल्द जारी की जाएगी।
गणित की नई पुस्तक छात्रों के लिए उपलब्ध
NCERT के अनुसार कक्षा 9 की गणित पुस्तक ‘गणिता मंजरी भाग-2’ की छपाई पूरी कर ली गई है। यह पुस्तक 21 सितंबर 2026 से बिक्री के लिए उपलब्ध है। छात्र, अभिभावक, शिक्षक और स्कूल इसे अधिकृत माध्यमों से खरीद सकते हैं। परिषद का कहना है कि यह पुस्तक नए शैक्षणिक ढांचे और संशोधित पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
जल्द आएगी सामाजिक विज्ञान की नई किताब
गणित के बाद सामाजिक विज्ञान विषय की नई पुस्तक ‘Understanding Society: India & Beyond Part-2’ भी छात्रों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। NCERT ने जानकारी दी है कि इसकी बिक्री 30 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इससे कक्षा 9 के विद्यार्थियों को नए पाठ्यक्रम के अनुरूप अध्ययन सामग्री मिल सकेगी।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार हुआ पाठ्यक्रम
नई पुस्तकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE 2023) के दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों की समझ को बेहतर बनाना, रटने की प्रवृत्ति को कम करना और व्यावहारिक सीखने को बढ़ावा देना है।
कहां से खरीद सकते हैं नई किताबें?
NCERT ने छात्रों और अभिभावकों को केवल अधिकृत स्रोतों से ही पुस्तकें खरीदने की सलाह दी है। नई किताबें NCERT के सेल काउंटर, आधिकारिक वेबसाइट और प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे छात्रों को आसानी से संशोधित पाठ्यपुस्तकें मिल सकेंगी।
छात्रों और स्कूलों पर क्या होगा प्रभाव?
नई किताबों के लागू होने के बाद स्कूलों को भी अपने शिक्षण तरीकों में बदलाव करना होगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि संशोधित पाठ्यपुस्तकें छात्रों को अधिक अवधारणात्मक और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने में मदद करेंगी। साथ ही, यह बदलाव नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को जमीन पर लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



