Ganesh Jayanti 2026: आज माघी गणेश जयंती, ऐसे करें बप्पा की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, व्रत कथा और पूजा विधि

Ganesh Jayanti 2026: आज 22 जनवरी 2026 को पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ माघी गणेश जयंती मनाई जा रही है। इस पर्व को माघ विनायक चतुर्थी और तिलकुंडा चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। माघ मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि गणपति उपासना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।

माघी गणेश जयंती का धार्मिक महत्व

माघी गणेश जयंती का विशेष महत्व है। इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि, बुद्धि व सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह दिन विशेष रूप से विद्यार्थियों, व्यापारियों और नए कार्य की शुरुआत करने वालों के लिए शुभ माना गया है।

गणेश जयंती 2026 शुभ मुहूर्त

  • पूजा का शुभ समय: प्रातःकाल से मध्याह्न तक

  • चंद्र दर्शन: संध्या समय
    (स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में परिवर्तन संभव)

गणेश जयंती पूजा विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें

  • पूजा स्थल पर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें

  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें

  • दूर्वा, लाल फूल, रोली-चावल अर्पित करें

  • दीप-धूप जलाकर मोदक या लड्डू का भोग लगाएं

  • मंत्र जप कर आरती करें

गणेश जयंती के प्रमुख मंत्र

ॐ गण गणपतये नमः
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

व्रत के नियम

माघी गणेश जयंती के दिन भक्त निर्जल या फलाहार व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान सात्विक भोजन किया जाता है। चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।

गणेश जयंती व्रत कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार माता पार्वती ने माघ शुक्ल चतुर्थी को अपने उबटन से भगवान गणेश की रचना की थी। बाद में भगवान शिव ने उन्हें गणों का अधिपति बनाया। तभी से इस दिन को गणेश जयंती के रूप में मनाया जाता है।

क्या करें, क्या न करें

क्या करें:

  • दूर्वा अर्पण करें

  • मोदक का भोग लगाएं

  • दान-पुण्य करें

क्या न करें:

  • चंद्र दर्शन के बिना व्रत न तोड़ें

  • तामसिक भोजन से परहेज करें

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