Uttar Pradesh Politics: अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश… रायबरेली में अखिलेश यादव के दौरे से पहले पोस्टर वार, सियासी पारा चढ़ा

PDA रथ यात्रा से पहले शहर में लगे विरोधी पोस्टर, आजम खान-अतीक-मुख्तार की तस्वीरों के जरिए सपा प्रमुख पर निशाना

Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे से पहले शहर का सियासी माहौल गरमा गया है। अखिलेश यादव के विरोध में लगाए गए पोस्टरों ने उनके दौरे से पहले राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। पोस्टरों में सपा अध्यक्ष पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए गए हैं और उनके पुराने राजनीतिक सहयोगियों को लेकर भी निशाना साधा गया है।

अखिलेश यादव गुरुवार को रायबरेली पहुंच रहे हैं। उनके कार्यक्रम को समाजवादी पार्टी के PDA अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। वह यहां जनसभा को संबोधित करने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। हालांकि, उनके पहुंचने से पहले शहर के कई इलाकों में सामने आए विरोधी पोस्टरों ने पूरे दौरे को राजनीतिक रूप से चर्चा में ला दिया है।

पोस्टरों में अखिलेश के साथ आजम, अतीक और मुख्तार की तस्वीरें

रायबरेली में लगाए गए कुछ पोस्टरों में अखिलेश यादव के साथ आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। इन पोस्टरों में सपा अध्यक्ष को निशाना बनाते हुए बेहद तीखे नारे लिखे गए हैं। इनमें ‘अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश’ और ‘आजम, अतीक और मुख्तार यही चलाते थे सरकार’ जैसे स्लोगन शामिल हैं।

इन पोस्टरों के जरिए समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने की कोशिश की गई है। हालांकि, पोस्टरों में लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। इन पोस्टरों को किस-किस स्थान पर लगाया गया और इन्हें लगाने की पूरी प्रक्रिया क्या रही, इसे लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, स्थानीय भाजपा नेता हरिओम चतुर्वेदी ने इन विरोधी पोस्टरों की जिम्मेदारी ली है। इसके अलावा बछरावां कस्बे और रायबरेली के कुछ प्रमुख चौराहों पर भी अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।

‘अखिलेश यादव वापस जाओ’ के पोस्टर भी लगाए गए

रायबरेली शहर के अलावा लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर भी अखिलेश यादव को लेकर विरोधी पोस्टर नजर आए। इनमें उनके दौरे और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। एक पोस्टर में अखिलेश यादव की वैनिटी वैन को लेकर सवाल करते हुए सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया गया है।

कुछ पोस्टरों में अखिलेश यादव के लिए ‘गिरगिटेश’ जैसे राजनीतिक तंज वाले शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, एक अन्य पोस्टर में ‘लाल टोपी, साइकिल निशान, यही है गुंडों की पहचान’ लिखा गया है। इसके साथ ही ‘योगी राज में कानून से गुंडई नहीं चलेगी’ जैसे संदेश भी पोस्टरों में दिखाई दे रहे हैं।

इस पोस्टरबाजी के सामने आने के बाद रायबरेली में समाजवादी पार्टी और उसके समर्थकों की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। दूसरी तरफ सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वागत की तैयारियां की हैं और शहर में उनके समर्थन में होर्डिंग लगाए गए हैं।

PDA रथ के जरिए रायबरेली से अभियान का संदेश

अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे का एक प्रमुख हिस्सा PDA रथ से जुड़ा है। समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के बीच अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में रायबरेली से रथ यात्रा के जरिए जनसंपर्क अभियान का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।

अखिलेश यादव बछरावां क्षेत्र के चुरुआ गांव से अपने विशेष रथ पर सवार होकर रायबरेली की ओर बढ़ेंगे। इसके बाद जीआईसी मैदान में उनकी जनसभा प्रस्तावित है। वह हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पर भी जाएंगे, जहां चाय पर मुलाकात का कार्यक्रम रखा गया है।

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राहुल लोधी के समर्थन में भी पहुंचे हैं अखिलेश

अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे की एक वजह हाल में सामने आया छात्र विवाद भी है। फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज के बाहर समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और झड़प के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई थी।

इस घटनाक्रम के बाद सपा विधायक राहुल लोधी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। वहीं, पुलिस की ओर से कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बताया गया। मामले को लेकर प्रशासन की ओर से जांच की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी।

अखिलेश यादव ने इसी घटनाक्रम के बाद रायबरेली आने की बात कही थी। अब उनका यह दौरा PDA रथ कार्यक्रम के साथ जुड़ गया है, जिससे इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।

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