Farmers Relief: किसानों की मदद में योगी सरकार ने खर्च किए ₹69,163 करोड़, सूर्य प्रताप शाही ने गिनाईं उपलब्धियां

Farmers Relief: कृषि मंत्री का दावा—पिछली सरकारों के मुकाबले किसानों के लिए अधिक बजट खर्च; प्राकृतिक आपदा से प्रभावित नौ लाख से ज्यादा किसानों को दी गई आर्थिक सहायता।

Farmers Relief: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों के हित में किए गए कार्यों को लेकर योगी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए अब तक ₹69,163 करोड़ खर्च किए हैं, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में किसानों पर इससे काफी कम धनराशि खर्च की गई थी। कृषि मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार किसानों को समय पर बीज, बिजली और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

शाही के मुताबिक, प्रदेश में बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित नौ लाख से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता दी गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभावित किसानों को राहत राशि वितरित की।

पिछली सरकारों के बजट से की तुलना

कृषि मंत्री ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की सरकार के दौरान किसानों के लिए ₹10,207 करोड़ और अखिलेश यादव की सरकार में लगभग ₹12,000 करोड़ खर्च किए गए थे। इसके मुकाबले योगी सरकार ने किसानों के हित में ₹69,163 करोड़ की धनराशि खर्च की है। उन्होंने कहा कि खुद को किसान हितैषी बताने वाली पिछली सरकारों की तुलना में वर्तमान सरकार ने किसानों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराए हैं।

86 लाख किसानों की कर्जमाफी का किया जिक्र

शाही ने बताया कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्जमाफी का निर्णय लिया गया था। उनके अनुसार, इस फैसले के तहत 86 लाख किसानों का लगभग ₹36,000 करोड़ का कर्ज माफ किया गया। उन्होंने इसे किसानों को आर्थिक राहत देने की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया।

रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन का दावा

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। उनके मुताबिक, पिछले वर्ष राज्य में रिकॉर्ड 752 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर सुविधाएं और कृषि संबंधी संसाधन उपलब्ध कराने से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है।

आपदा राहत राशि को लेकर पूर्ववर्ती सरकार पर सवाल

शाही ने दावा किया कि पिछली सरकार के समय केंद्र से आपदा राहत के लिए मिले ₹3,200 करोड़ में से केवल ₹800 करोड़ ही वितरित किए गए थे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद शेष धनराशि में से ₹1,200 करोड़ सात दिनों के भीतर किसानों तक पहुंचाए गए। कृषि मंत्री ने इसे प्रभावित किसानों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम बताया।

गन्ना किसानों के भुगतान पर भी रखे आंकड़े

कृषि मंत्री ने गन्ना किसानों के भुगतान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर ₹400 प्रति क्विंटल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के पांच साल के कार्यकाल में करीब ₹62,000 करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान हुआ था, जबकि योगी सरकार के दस वर्षों में यह राशि ₹3.25 लाख करोड़ तक पहुंच गई। शाही के अनुसार, प्रदेश की 105 चीनी मिलें किसानों को 15 दिनों के भीतर भुगतान कर रही हैं।

फसल बीमा योजना से किसानों को मुआवजा

शाही ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मिली सहायता का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक योजना के तहत ₹6,125 करोड़ का मुआवजा दिया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7.31 लाख किसानों को ₹812.76 करोड़ की क्षतिपूर्ति मिली। कृषि मंत्री ने कहा कि बीमा योजना के तहत लाभ पाने वाले किसानों की संख्या पहले लगभग 18 लाख थी, जो अब बढ़कर 23 से 24 लाख के बीच पहुंच गई है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसलों के नुकसान का सर्वेक्षण तेजी से पूरा करने और प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जालौन के किसानों के लिए लगभग ₹5 करोड़ की सहायता राशि हस्तांतरित किए जाने का भी उल्लेख किया गया।

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आय और कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ प्राकृतिक आपदाओं के समय उन्हें तत्काल आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है। उन्होंने दावा किया कि किसानों के हित में बजट, बीमा, सिंचाई, गन्ना भुगतान और राहत वितरण जैसे क्षेत्रों में सरकार लगातार काम कर रही है।

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