UP Politics: ‘गिनती शुरू कर दीजिए अखिलेश जी…’, ओपी राजभर का हमला, नौकरियों के मुद्दे पर दी खुली चुनौती
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दावा किया कि यूपी में नौ साल में साढ़े नौ लाख नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही यह आंकड़ा 10 लाख तक पहुंचने वाला है।
UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। सत्तारूढ़ गठबंधन और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि प्रदेश में नौ साल के दौरान साढ़े नौ लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और जल्द ही यह आंकड़ा 10 लाख तक पहुंचने वाला है।
ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को नौकरी मिलने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि ये नौकरियां बिना लेन-देन, भेदभाव, जात-पात और क्षेत्रवाद के दी जा रही हैं। राजभर ने इसी संदर्भ में कहा कि नौ साल में साढ़े नौ लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और कुछ ही हफ्तों में 10 लाख का आंकड़ा पूरा हो जाएगा।
‘गिनती शुरू कर दीजिए अखिलेश जी’
राजभर ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का हवाला देते हुए अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने नौकरियों के आंकड़े गिनते जाने की बात कही है, इसलिए अखिलेश यादव भी अब गिनती शुरू कर दें।
राजभर ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि अगर अखिलेश यादव खुद ठीक से गिनती नहीं कर पाएं तो अपने चाचा शिवपाल यादव को लगा दें। इसके साथ ही उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर कई आरोप भी लगाए। हालांकि, ये आरोप राजभर के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
सरकारी रोजगार को लेकर राजभर इससे पहले भी अखिलेश यादव पर निशाना साध चुके हैं। 16 सितंबर को उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार ने युवाओं के लिए करीब 9.5 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं और अखिलेश यादव को रोजगार से जुड़े आंकड़ों की जानकारी लेनी चाहिए।
‘चुनाव आ रहा है, दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए’
ओपी राजभर ने अपने ताजा हमले में चुनावी माहौल का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत अंदाज में भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि चुनाव आने वाला है और अखिलेश यादव को दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ देना चाहिए।
राजभर ने सपा के पिछले विधानसभा चुनावों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 में समाजवादी पार्टी को 47 सीटें मिली थीं, जबकि 2022 में पार्टी 111 सीटों तक पहुंची थी। इसी संदर्भ में उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि इस बार 47 सीटें लाकर दिखाएं।
सपा सरकार पर भी लगाए आरोप
राजभर ने अपने बयान में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पिछली सपा सरकार पर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय युवाओं को शूटर बनाया गया और नौकरियों में भेदभाव के साथ पैसे लिए जाते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग इस उम्मीद में हैं कि सत्ता बदलने के बाद उन्हें फिर से लूट और अपराध का मौका मिलेगा।
इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से इस बयान के जवाब में क्या प्रतिक्रिया आती है, यह अलग राजनीतिक घटनाक्रम होगा। राजभर के बयान को मौजूदा चुनावी माहौल में सपा पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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‘एकतरफा चुनाव में मजा नहीं’
ओपी राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि चुनाव ठीक से लड़ना चाहिए और मुकाबला बराबरी का होना चाहिए। राजभर ने कहा कि जब मुकाबला बराबरी का नहीं होता तो एकतरफा चुनाव में कोई मजा नहीं है।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। समाजवादी पार्टी जहां अपने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं सत्तारूढ़ खेमे के नेता सरकार के कामकाज और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष पर हमला कर रहे हैं।
इसी क्रम में ओपी राजभर और अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। हाल के दिनों में राजभर ने अखिलेश यादव पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। दूसरी ओर, अखिलेश यादव भी सरकार की नीतियों, रोजगार और अन्य मुद्दों पर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।



