Yogi Adityanath: खेती-किसानी में यूपी की तरक्की के आंकड़े गिनाए सीएम योगी ने, कृषि विकास दर 18% होने की बात कही
Yogi Adityanath: 2017 से मार्च 2026 तक 80 लाख से अधिक किसानों से खरीदा गया 519 लाख मीट्रिक टन धान, मुख्यमंत्री के मुताबिक सीधे खातों में पहुंचे 1.03 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा
Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र की स्थिति और किसानों के लिए लागू योजनाओं का ब्योरा साझा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद राज्य की कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, प्रदेश की कृषि विकास दर पहले 8 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को राज्य की आर्थिक प्रगति का अहम हिस्सा बताते हुए खेती से जुड़े संसाधनों और सरकारी सहायता की उपलब्धता पर जोर दिया।
योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से किसानों को बीज, सिंचाई, समर्थन मूल्य और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
देश के खाद्यान्न उत्पादन में यूपी का 21 फीसदी योगदान
मुख्यमंत्री के मुताबिक, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि राज्य में लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने से खेती के लिए सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
उन्होंने दुग्ध उत्पादन के साथ गन्ना और गेहूं उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश को देश में अग्रणी बताया। सरकार इन क्षेत्रों में राज्य की स्थिति को कृषि और संबद्ध गतिविधियों में हुई प्रगति से जोड़ रही है।
धान खरीद के बदले किसानों को मिला बड़ा भुगतान
धान किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के संबंध में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से मार्च 2026 तक के आंकड़े साझा किए। उनके अनुसार, इस अवधि में प्रदेश के 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस खरीद के एवज में किसानों को 1,03,833 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान सीधे किया गया। सरकार की ओर से प्रत्यक्ष भुगतान व्यवस्था को किसानों तक उनकी उपज की कीमत पहुंचाने का माध्यम बताया गया है।
धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 71 रुपये का इजाफा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बार धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। समर्थन मूल्य में बदलाव का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए निर्धारित कीमत उपलब्ध कराना है।
कृषि क्षेत्र में किसानों की आय और लागत का सवाल महत्वपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में समर्थन मूल्य पर खरीद के साथ भुगतान की समयसीमा और खेती की लागत जैसे पहलू भी किसानों को मिलने वाले वास्तविक लाभ को समझने में अहम हैं।
बीज से लेकर बाजार तक सुविधाएं देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खेती के विभिन्न चरणों में सहायता उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें बेहतर बीज, सिंचाई के साधन, एमएसपी पर खरीद और डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
उन्होंने पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए दावा किया कि किसानों को पहले कर्ज और बिचौलियों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब सरकारी योजनाओं के जरिए सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
किसान को अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बताया
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में किसानों को प्रदेश की समृद्धि और आर्थिक मजबूती का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
सरकार ने कृषि विकास दर में वृद्धि, धान खरीद और किसानों को किए गए भुगतान के आंकड़ों को अपनी नीतियों के परिणाम के तौर पर प्रस्तुत किया है। इन दावों की पूरी तस्वीर समझने के लिए कृषि उत्पादन, किसानों की आय, खेती की लागत और सरकारी खरीद से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन भी महत्वपूर्ण है।



