Tiger Shroff Firing Case: पुलिस से बचने के लिए होटल की जगह अस्पताल में रुकता था प्रांजल ठाकरान, भाई के इलाज के बीच बिताईं रातें

इंदौर से गिरफ्तार 22 वर्षीय प्रांजल ठाकरान के इंस्टाग्राम पर हथियारों के वीडियो मिलने की बात सामने आई। पुलिस फायरिंग में उसकी कथित भूमिका और संपर्कों की जांच कर रही है।

Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच एजेंसियां लगातार आरोपियों और उनके कथित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। इसी सिलसिले में इंदौर से गिरफ्तार किए गए 22 वर्षीय प्रांजल ठाकरान को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। आरोप है कि मुंबई में फायरिंग की घटना के बाद उसे पुलिस की तलाश का अंदेशा था। इसी वजह से वह होटल में ठहरने के बजाय अपने पैरालिसिस पीड़ित भाई के साथ अस्पताल में रात गुजार रहा था।

हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला प्रांजल पिछले पांच दिनों से इंदौर में था। वह मालवा मिल चौराहे के पास स्थित अंकुर स्टेप डाउन सेंटर में भर्ती अपने भाई से मिलने रोज पहुंचता था। उसके भाई की यहां फिजियोथेरेपी चल रही थी। बताया जा रहा है कि प्रांजल दिनभर अस्पताल में रहता और रात होने पर विजिटर्स रूम में ठहर जाता था। पुलिस अब इस अवधि के दौरान उसकी गतिविधियों और फायरिंग की घटना से जुड़े संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पर हथियारों के वीडियो पोस्ट करने का आरोप

जांच के दौरान प्रांजल के सोशल मीडिया अकाउंट भी पुलिस की पड़ताल के दायरे में आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर पिस्तौल और बंदूक के साथ बनाए गए वीडियो मिले हैं। कुछ वीडियो में वह गले में कारतूस की माला पहने भी दिखाई देता है। इसके अलावा जेल परिसर के बाहर बनाए गए वीडियो भी उसके अकाउंट पर मौजूद होने की बात कही गई है।

प्रांजल खुद को हिंदू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग का अध्यक्ष भी बताता था। सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन और दबंगई से जुड़े वीडियो पोस्ट करने की उसकी कथित गतिविधियां अब जांच का हिस्सा हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी हथियार के साथ वीडियो सामने आना अपने आप में किसी अपराध में संलिप्तता का निर्णायक प्रमाण नहीं है। पुलिस इन जानकारियों को अन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर देख रही है।

पानीपत में फायरिंग की घटना से भी जुड़ा नाम

प्रांजल का नाम इससे पहले हरियाणा के पानीपत में हुई एक फायरिंग की घटना में भी सामने आने की जानकारी दी गई है। यह घटना इसी साल मार्च में एक मनी एक्सचेंज कार्यालय में हुई थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उस मामले और टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के बीच कोई संबंध है या नहीं।

पुलिस की जांच का अहम पहलू यह भी है कि प्रांजल की भूमिका कथित तौर पर किस स्तर तक थी। उस पर आरोप है कि उसने मुंबई में हमले को अंजाम देने वाले लोगों को हथियार मुहैया कराने में मदद की थी और उसे फायरिंग की जानकारी भी थी। इन आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।

18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग

मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर को अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर पांच से छह राउंड फायरिंग किए जाने की घटना सामने आई थी। घटना के दौरान अभिनेता सुरक्षित रहे, लेकिन उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर के घायल होने की जानकारी दी गई थी। वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग सुरागों पर काम किया।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गोलीबारी की योजना कैसे बनाई गई, हथियार कहां से आए और घटना में शामिल लोगों के बीच किस तरह संपर्क बना हुआ था। हथियारों की आपूर्ति, आरोपियों के आपसी संबंध और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियां जांच के प्रमुख बिंदु हैं।

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इंदौर में गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा

प्रांजल की इंदौर से गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके ठहरने के तरीके, अस्पताल में मौजूदगी और पिछले कुछ दिनों के संपर्कों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह इंदौर कब पहुंचा, किन लोगों से मिला और क्या उसकी गतिविधियों का मुंबई की घटना से कोई सीधा संबंध था।

फिलहाल, प्रांजल पर लगाए गए आरोपों और फायरिंग की साजिश में उसकी कथित भूमिका को लेकर जांच जारी है। पुलिस की पड़ताल से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि वह केवल आरोपियों के संपर्क में था या हथियारों की व्यवस्था और हमले की योजना में भी उसकी कोई भूमिका थी। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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