Shiv Sena UBT: राष्ट्रपति से मुलाकात में उद्धव ठाकरे की पार्टी नहीं होगी शामिल, SIR के मुद्दे पर INDIA गठबंधन में बढ़ी हलचल
Shiv Sena UBT: उद्धव ठाकरे की पार्टी ने अंतिम समय पर निमंत्रण मिलने का दिया हवाला, भाजपा के आशीष शेलार ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन के बीच तालमेल पर उठाए सवाल
Shiv Sena UBT: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई के बीच INDIA गठबंधन के भीतर समन्वय पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताएं रखने वाला है, लेकिन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) इस मुलाकात में हिस्सा नहीं लेगी। पार्टी के इस फैसले को लेकर भाजपा ने विपक्षी एकता पर निशाना साधा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, UBT शिवसेना ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होने के पीछे आखिरी समय पर न्योता मिलने की बात कही है। इसके अलावा उद्धव ठाकरे की मुंबई में पार्टी के सांसदों और विभाग प्रमुखों के साथ बैठक भी प्रस्तावित है। इस वजह से पार्टी के सांसदों के दिल्ली पहुंचने की संभावना नहीं है। वहीं, शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत भी दो दिन के पुणे दौरे पर हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात में विपक्ष रखेगा अपनी बात
SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के प्रतिनिधि राष्ट्रपति से मुलाकात करने की तैयारी में हैं। इस बैठक के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रख सकता है।
हालांकि, इस प्रतिनिधिमंडल में शिवसेना (UBT) की अनुपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी है। विपक्ष की ओर से जहां साझा रणनीति बनाने की कोशिश की जा रही है, वहीं प्रमुख सहयोगी दल का शामिल नहीं होना आपसी तालमेल को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
उद्धव ठाकरे की बैठक बनी गैरमौजूदगी की वजह
सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे की पार्टी का कहना है कि राष्ट्रपति से मुलाकात का निमंत्रण काफी देर से मिला। इसी दौरान मुंबई में पार्टी संगठन से जुड़ी बैठक भी निर्धारित थी। ऐसे में पार्टी के सांसदों का दिल्ली जाना संभव नहीं हो पा रहा है।
संजय राउत के पुणे दौरे पर होने की बात भी सामने आई है। फिलहाल पार्टी की ओर से बताई गई वजहों में कार्यक्रम की व्यस्तता और निमंत्रण मिलने का समय प्रमुख हैं। इसलिए इस घटनाक्रम को गठबंधन से औपचारिक दूरी के तौर पर देखना अभी जल्दबाजी होगी।
आशीष शेलार बोले—विपक्ष में आपसी तालमेल की कमी
UBT शिवसेना के फैसले पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार ने विपक्षी गठबंधन पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि INDIA गठबंधन और महाराष्ट्र के महाविकास आघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं है।
शेलार ने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि ये नेता भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने के उद्देश्य से एक साथ आए हैं, लेकिन उनके बीच आपसी सहमति की कमी है। उनके मुताबिक, विपक्ष की एकजुटता केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित दिखाई देती है।
ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी का भी किया जिक्र
भाजपा नेता ने अपने बयान में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच कथित मतभेदों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेता एक-दूसरे के साथ सामंजस्य नहीं बना पा रहे हैं।
शेलार ने UBT शिवसेना के राष्ट्रपति से मुलाकात में शामिल नहीं होने को भी विपक्षी एकता पर सवाल उठाने का आधार बनाया। हालांकि, ये भाजपा नेता के राजनीतिक आरोप हैं। शिवसेना (UBT) की ओर से बताई गई वजहें अलग हैं और उसकी गैरमौजूदगी को लेकर किसी बड़े राजनीतिक फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
SIR के मुद्दे पर आगे क्या होगी विपक्ष की रणनीति?
SIR के खिलाफ विपक्षी दलों की गतिविधियां ऐसे समय जारी हैं, जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात को इसी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के सामने किन मुद्दों को उठाता है और बैठक के बाद विपक्ष आगे की रणनीति किस तरह तय करता है। साथ ही, यह भी अहम होगा कि UBT शिवसेना की गैरमौजूदगी का INDIA गठबंधन के भीतर भविष्य के समन्वय पर कोई असर पड़ता है या नहीं।



