Rahul Gandhi: राहुल गांधी पर महिला पत्रकार को धक्का देने का आरोप, BJP ने उठाए सवाल; गर्भावस्था में परेशानी का दावा
Rahul Gandhi: पत्रकार ऋचा पाराशर ने राहुल गांधी और सुरक्षाकर्मियों पर लगाए आरोप, CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर निकला था इंडिया गठबंधन का मार्च।
Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सोमवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। इस प्रदर्शन के बाद महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। दिल्ली बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश भाटिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की ओर से एक महिला पत्रकार को धक्का दिया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
बीजेपी नेता के मुताबिक, महिला पत्रकार गर्भवती थी और घटना के बाद उसे चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता पड़ी। दूसरी ओर, पत्रकार ऋचा पाराशर ने भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने उनका कंधा पकड़कर खींचा और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया। फिलहाल, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और घटना की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया तथा उपलब्ध साक्ष्यों का सामने आना जरूरी है।
बीजेपी नेता ने बताया कैसे मिली घटना की जानकारी
राजेश भाटिया ने बताया कि वह राजेंद्र नगर स्थित कार्यालय के पास थे, तभी एक युवती उनके पास पहुंची। युवती ने कथित तौर पर उन्हें बताया कि उसकी बहन पत्रकार है और राहुल गांधी के मार्च के दौरान उसे धक्का लगा है। युवती ने बहन की गर्भावस्था का हवाला देते हुए मदद की अपील की।
भाटिया के अनुसार, जानकारी मिलने के बाद उन्होंने विधायक उमंग बजाज और स्थानीय नेता प्रतीक शर्मा को फोन किया। इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे, जहां महिला अपने पति के साथ मौजूद थी। उन्होंने दावा किया कि महिला को प्राथमिक उपचार दिलाया गया और डॉक्टरों से उसकी स्थिति के बारे में बातचीत की गई।
बीजेपी नेता ने कहा कि डॉक्टरों ने गर्भावस्था से जुड़ी परेशानी होने की जानकारी दी और महिला को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता बताई। उनके मुताबिक, महिला की जांच और उपचार के बाद उसे कमरे में स्थानांतरित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि आगे की चिकित्सकीय जांच और इलाज डॉक्टरों की निगरानी में किया जाना था।
ऋचा पाराशर ने बताया, बयान रिकॉर्ड करने के लिए बढ़ाया था माइक
पत्रकार ऋचा पाराशर ने भी कथित घटना को लेकर अपना पक्ष रखा। उनके अनुसार, वह सुप्रीम कोर्ट परिसर के अंदर मौजूद थीं और उस गेट के पास खड़ी थीं, जहां से राहुल गांधी के बाहर निकलने की संभावना थी। वह अपने माइक के जरिए राहुल गांधी का बयान रिकॉर्ड करना चाहती थीं।
ऋचा ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार माइक आगे बढ़ाया, तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें माइक हटाने का संकेत दिया। उन्होंने माइक पीछे कर लिया। हालांकि, उनका कहना है कि उन्होंने अन्य मीडियाकर्मियों को कैमरे और माइक के साथ वहां मौजूद देखा, जिसके बाद उन्होंने दोबारा अपना माइक आगे बढ़ाया।
पत्रकार के मुताबिक, वह कोई सवाल नहीं पूछ रही थीं, बल्कि राहुल गांधी का बयान रिकॉर्ड करना चाहती थीं। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान राहुल गांधी आगे बढ़े और उनका कंधा पकड़कर खींचा। ऋचा ने आरोप लगाया कि इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने भी उन्हें धक्का दिया।
सीढ़ियों से गिरने और मोबाइल टूटने का किया दावा
ऋचा पाराशर ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने धक्का नहीं देने की अपील की, लेकिन इसके बावजूद वह सीढ़ियों से गिर गईं। उनके अनुसार, इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी टूट गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके कैमरामैन को राहुल गांधी की कोहनी लगी और वह गिर पड़े।
पत्रकार ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। उनके मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे घटना के बारे में जानकारी ली और अपना पक्ष सामने रखने की सलाह दी। ऋचा ने कहा कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने पेट में हल्के दर्द की शिकायत की।
हालांकि, महिला की चोट, गर्भावस्था से जुड़ी स्थिति और घटना के क्रम की स्वतंत्र पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जानकारी तथा उपलब्ध वीडियो या प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर हुआ था प्रदर्शन
इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध मार्च निकाला था। गठबंधन की ओर से कहा गया था कि इन मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी।
मार्च में राहुल गांधी के अलावा समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई नेता शामिल हुए थे। खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किए जाने की बात भी कही गई थी।
आरोपों के बाद मामले पर सबकी नजर
महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की का मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। बीजेपी नेता राजेश भाटिया ने महिला के अस्पताल में भर्ती होने और गर्भावस्था में परेशानी का दावा किया है, जबकि ऋचा पाराशर ने अपने बयान में राहुल गांधी और उनके सुरक्षाकर्मियों पर आरोप लगाए हैं।
घटना को लेकर निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच जरूरी है। फिलहाल, सामने आई जानकारी को आरोपों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।



