Delhi High Court: कथित डीपफेक और मॉर्फ्ड तस्वीरों से जुड़े एक मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महिला की याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। याचिका में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े सौरव दास, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के नाम शामिल किए गए हैं।
महिला का आरोप है कि उसकी तस्वीरों को AI तकनीक की मदद से एडिट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। याचिका के अनुसार, इस सामग्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के अलावा सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी दिखाया गया, जिससे उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
याचिका में कहा गया है कि विवादित तस्वीरें और वीडियो कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साझा किए गए। महिला का दावा है कि पुलिस में शिकायत और FIR दर्ज होने के बावजूद आपत्तिजनक सामग्री अब भी इंटरनेट पर उपलब्ध है।
महिला ने अदालत से अनुरोध किया है कि संबंधित कंटेंट को तुरंत हटाने, उसके स्रोत का पता लगाने और आगे प्रसार रोकने के लिए निर्देश जारी किए जाएं। इसके साथ ही उसने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले को गंभीर मानते हुए सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। अब अदालत संबंधित एजेंसियों और पक्षों से जवाब मांग सकती है। मामले में साइबर प्लेटफॉर्म्स की भूमिका और कंटेंट हटाने की प्रक्रिया भी चर्चा का विषय बन सकती है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इसी बीच हाईकोर्ट में दाखिल इस याचिका ने CJP से जुड़े नेताओं को लेकर नई कानूनी और राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अदालत में सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।