CJP Protest: CJP के प्रदर्शन पर दिल्ली में सियासी घमासान, संजय सिंह बोले- विरोध की आवाज दबाना बंद करे सरकार

CJP Protest: जंतर-मंतर मार्च से पहले केजरीवाल के आवास पहुंचे AAP सांसद, आतिशी ने सुरक्षा इंतजामों पर उठाए सवाल; दिल्ली पुलिस ने करीब 500 लोगों को हिरासत में लेने की बात कही

CJP Protest:  दिल्ली में CJP के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित होने वाले इस प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी ने समर्थन दिया है। प्रदर्शन से पहले AAP सांसद संजय सिंह ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोगों को विरोध करने से रोकने की कोशिश की जा रही है।

संजय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने का अधिकार है। उन्होंने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए अलग-अलग स्थानों से करीब 500 लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी दी है।

संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंचने के बाद संजय सिंह ने दिल्ली के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा स्थिति आपातकाल से भी अधिक खराब होती जा रही है।

AAP सांसद ने एक कथित वोट चोरी के मामले का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति को बचाने के लिए इतनी सख्ती क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश को तानाशाही या हिटलरशाही के आधार पर नहीं चलाया जा सकता।

संजय सिंह के मुताबिक, विरोध करने वालों को रोकने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लोगों की आवाज दबाने की कोशिश से नाराजगी और बढ़ सकती है।

AAP ने प्रदर्शन को दिया समर्थन

आम आदमी पार्टी ने CJP के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना और विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में आता है।

संजय सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की इच्छा रखने वाले लोगों को रोकने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उनके बयान के बाद दिल्ली में प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

आतिशी का दावा- दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

AAP नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए राजधानी में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं और पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के करीब 45 हजार जवानों को तैनात किया गया है।

आतिशी ने हजारों लोगों को एहतियातन हिरासत में लिए जाने, बाजार बंद होने और इंटरनेट सेवाएं रोकने का भी दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कदम चुनाव से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में एक व्यक्ति को बचाने के लिए उठाए जा रहे हैं।

ये आंकड़े और आरोप आतिशी के बयान पर आधारित हैं। मेट्रो सेवाओं, इंटरनेट और सुरक्षा बलों की तैनाती की स्थिति की पुष्टि के लिए संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी जरूरी है।

पुलिस बोली- अलग-अलग स्थानों से 500 लोग हिरासत में

दिल्ली पुलिस के अनुसार, विभिन्न स्थानों से समूहों में आ रहे करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लगभग 50 लोगों को पकड़ा गया है।

पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली क्षेत्र को 20 जोन में विभाजित किया गया है। हर जोन में हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए एक डिटेंशन सेंटर बनाया गया है। इसके अलावा राजधानी के स्टेडियमों में भी डिटेंशन सेंटर की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन की ओर से इन कदमों को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जोड़ा गया है, जबकि विपक्षी नेताओं ने इन्हें लेकर सवाल उठाए हैं।

SIR और चुनाव आयोग पर जारी है विवाद

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना जारी है। CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन भी इसी व्यापक राजनीतिक विवाद के बीच हो रहा है।

AAP नेताओं ने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि उसकी कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए है। अब प्रदर्शन के दौरान स्थिति कैसी रहती है और इस घटनाक्रम पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।

 

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