रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 30 अरब डॉलर के व्यापारिक सामान को इस संभावित राहत योजना में शामिल किया जा सकता है। हालांकि अभी तक किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष जोर
वार्ता में अमेरिकी कृषि उत्पादों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सामान प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। चीन इन वस्तुओं पर लगाए गए कुछ शुल्कों को कम करने पर विचार कर सकता है। वहीं अमेरिका भी चीन से आने वाले कुछ औद्योगिक उत्पादों पर राहत देने की संभावनाएं तलाश रहा है।
यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो दोनों देशों के निर्यातकों और उद्योगों को फायदा मिल सकता है।
अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों की आर्थिक और व्यापारिक टीमें विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से चर्चा कर रही हैं। मंत्रालय के अनुसार, व्यापारिक सहयोग बढ़ाने और विवादों को कम करने के लिए संवाद जारी है।
इससे पहले भी दोनों पक्ष व्यापारिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों से सुझाव लेकर संभावित समझौते की रूपरेखा तैयार कर चुके हैं।
क्या कम होगा व्यापारिक तनाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ में कटौती से अमेरिका और चीन के बीच वर्षों से चले आ रहे व्यापारिक विवाद को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि तकनीक, चिप निर्माण, रेयर अर्थ मिनरल्स और रणनीतिक उद्योगों से जुड़े कई मुद्दे अब भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं।
इस वजह से किसी बड़े और व्यापक समझौते तक पहुंचना अभी आसान नहीं माना जा रहा।
वैश्विक बाजारों की नजर बैठक पर
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उत्सुकता है। निवेशकों और कारोबारियों को उम्मीद है कि यह बैठक दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा दे सकती है।
फिलहाल, टैरिफ राहत पर जारी बातचीत को वैश्विक व्यापार माहौल के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, लेकिन अंतिम फैसला दोनों देशों की आगामी वार्ताओं पर निर्भर करेगा।