Hardik Pandya: हार्दिक पांड्या की टीम इंडिया में वापसी का रास्ता आसान नहीं, शुभमन गिल ने घरेलू क्रिकेट को बताया जरूरी
Hardik Pandya: चोट के चलते लंबे समय से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं ऑलराउंडर हार्दिक, राष्ट्रीय टीम में लौटने से पहले फिटनेस और मैच अभ्यास साबित करना होगा।
Hardik Pandya: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की वापसी का इंतजार कर रहे प्रशंसकों के लिए कप्तान शुभमन गिल ने अहम जानकारी दी है। गिल के मुताबिक, हार्दिक को एक बार फिर टीम इंडिया की जर्सी पहनने से पहले घरेलू क्रिकेट में खेलकर अपनी फिटनेस साबित करनी होगी। चोटों के कारण लगातार मैदान से बाहर चल रहे हार्दिक के लिए अब घरेलू टूर्नामेंट में प्रदर्शन करना राष्ट्रीय टीम में वापसी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
साल 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप को देखते हुए भारतीय टीम के लिए हार्दिक की फिटनेस काफी मायने रखती है। वह बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। हालांकि, आईपीएल 2026 के बाद से उन्होंने कोई पेशेवर मुकाबला नहीं खेला है। ऐसे में उनकी मैच फिटनेस को लेकर टीम प्रबंधन की नजर बनी हुई है।
गिल ने हार्दिक की काबिलियत को बताया खास
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 4 नवंबर से शुरू होने वाली वनडे सीरीज से पहले शुभमन गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हार्दिक पांड्या की वापसी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हार्दिक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं और इस स्तर की क्षमता रखने वाले खिलाड़ी दुनिया में बहुत कम हैं।
गिल के अनुसार, हार्दिक टीम की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग परिस्थितियों में गेंदबाजी कर सकते हैं। वह नई गेंद के साथ-साथ पुरानी गेंद से भी उपयोगी साबित होते हैं। कप्तान ने बताया कि उनकी हार्दिक से कई बार बातचीत हुई है, लेकिन चोटों की वजह से उनकी वापसी में देरी हो रही है।
टीम में लौटने से पहले घरेलू टूर्नामेंट में उतरना होगा
शुभमन गिल ने साफ संकेत दिया कि हार्दिक को सीधे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का मौका मिलने की संभावना नहीं है। उन्हें पहले घरेलू क्रिकेट में खेलना होगा और अपनी फिटनेस का स्तर साबित करना होगा। गिल ने उम्मीद जताई कि हार्दिक जल्द मैदान पर लौटेंगे और कुछ समय घरेलू क्रिकेट में बिताने के बाद भारतीय टीम में वापसी कर सकेंगे।
हार्दिक रेड बॉल क्रिकेट नहीं खेलते हैं, इसलिए सीमित ओवरों के घरेलू टूर्नामेंट उनके लिए अहम होंगे। विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में हिस्सा लेकर वह अपनी मैच फिटनेस और प्रदर्शन का आकलन करा सकते हैं। विजय हजारे ट्रॉफी की शुरुआत 14 दिसंबर से निर्धारित है।
नीतीश रेड्डी के प्रदर्शन से बढ़ी प्रतिस्पर्धा
हार्दिक की गैरमौजूदगी में युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी ने भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत करने की दिशा में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्हें तीनों प्रारूपों में खेलने का अवसर मिल रहा है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में उनके प्रदर्शन ने टीम को एक अतिरिक्त विकल्प दिया है।
ऐसे में हार्दिक के सामने केवल चोट से उबरने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि उन्हें टीम में अपनी उपयोगिता भी दोबारा साबित करनी होगी। नीतीश रेड्डी के उभरने से ऑलराउंडर की भूमिका के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। हार्दिक का अनुभव और उनकी क्षमता टीम के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन वापसी के बाद भी उन्हें अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का भरोसा जीतना होगा।
ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ सीरीज से भी हटना पड़ा
हार्दिक पांड्या को ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए इंडिया ए टीम में चुना गया था। हालांकि, चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाने के कारण वह इस सीरीज में नहीं खेल सके और उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। इसी फिटनेस समस्या के चलते वह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
फिलहाल हार्दिक की वापसी उनकी फिटनेस और घरेलू क्रिकेट में भागीदारी पर निर्भर करती दिखाई दे रही है। 2027 वनडे विश्व कप से पहले भारतीय टीम को उनके जैसे अनुभवी ऑलराउंडर की जरूरत हो सकती है, लेकिन टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें मैदान पर अपनी तैयारी और क्षमता साबित करनी होगी।



