Mau: मऊ में विकास कार्यों की नई सौगात, ए.के. शर्मा ने 5.31 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण

Mau: मड़ैया घाट, विसर्जन घाट और रामलीला मैदान का हुआ विकास; पांच साल के कामकाज की पुस्तिका भी जारी

Mau: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ में विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए 531.5 लाख रुपये की लागत से तैयार तीन परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में मड़ैया घाट और विसर्जन घाट का नवनिर्माण तथा रामलीला मैदान में इंटरलॉकिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में मऊ में कराए गए विकास कार्यों का ब्योरा भी जनता के सामने रखा। इस अवसर पर विकास कार्यों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया गया।

मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि मऊ के लिए यह दिन खुशी और सौभाग्य का अवसर है। उन्होंने विकास कार्यों का श्रेय भगवान महादेव की कृपा और जनता के स्नेह को देते हुए कहा कि मऊ को विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित करना उनका संकल्प है।

पांच साल के कामकाज का लेखा-जोखा पुस्तिका में

कार्यक्रम में मंत्री ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में कराए गए कार्यों की जानकारी साझा की। इसके लिए तैयार की गई विकास पुस्तिका का जनप्रतिनिधियों ने विमोचन किया। मंत्री ने बताया कि वह प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को अपने वार्षिक कामकाज का विवरण जनता के सामने रखते हैं।

उन्होंने कहा कि पुस्तिका में विकास कार्यों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। इसे डिजिटल रूप में भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें। मंत्री ने जनता से पुस्तिका देखने और विकास कार्यों को लेकर अपने सुझाव देने की अपील भी की।

मड़ैया घाट और विसर्जन घाट पर खर्च हुए 507.69 लाख रुपये

लोकार्पित परियोजनाओं में मड़ैया घाट का नवनिर्माण 260.27 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत 247.42 लाख रुपये की लागत से विसर्जन घाट का निर्माण कराया गया।

इसके अलावा रामलीला मैदान में 23.81 लाख रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा किया गया। इन तीनों परियोजनाओं की कुल लागत 531.5 लाख रुपये बताई गई है। इनके लोकार्पण से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

महादेव घाट को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने का प्रयास

मंत्री ए.के. शर्मा ने महादेव घाट का उल्लेख करते हुए इसे मऊ के लिए महत्वपूर्ण स्थल बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से जनसहयोग और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से इसका विकास कराया गया है।

मंत्री ने बताया कि उन्होंने करीब 50 देशों की यात्रा की है और वहां विकसित पर्यटन स्थलों को देखा है। उनके अनुसार, महादेव घाट को भी विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि घाट का नाम किसी एक व्यक्ति के नाम पर रखने के बजाय इसे पूरे मऊ की पहचान के रूप में विकसित किया गया है, क्योंकि यह पूरे क्षेत्र का साझा स्थल है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम में विकास कार्यों के लोकार्पण के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। अलका पहाड़िया की टीम ने छठ गीतों सहित विभिन्न गीत प्रस्तुत किए। वहीं, मथुरा से आई टीम ने राधा-कृष्ण नृत्य और फूलों की होली की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया।

कार्यक्रम का संचालन विनीता जौहरी ने किया। आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्थानीय नागरिकों और क्षेत्र के लोगों की सहभागिता रही। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

विकास कार्यों में जनसहयोग को बताया अहम

ए.के. शर्मा ने अपने संबोधन में मऊ के विकास में जनता के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कराए गए कार्यों की जानकारी सार्वजनिक करना और लोगों से सुझाव लेना जरूरी है। विकास पुस्तिका के माध्यम से पिछले पांच वर्षों के कामकाज को एक जगह उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

तीन नई परियोजनाओं के लोकार्पण और विकास पुस्तिका के विमोचन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मंत्री ने मऊ को विकास के नए मॉडल के रूप में आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराया।

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