US Midterm Elections 2026: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ओबामा-ट्रंप आमने-सामने, दोनों ने एक-दूसरे पर साधा निशाना
US Midterm Elections 2026: ओबामा ने ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठाए, राष्ट्रपति ने भी कसा तंज।
US Midterm Elections 2026: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनाव प्रचार के दौरान एक-दूसरे पर निशाना साधते नजर आए। ओबामा ने जहां ट्रंप की नीतियों, टैरिफ और ईरान से जुड़े फैसलों की आलोचना की, वहीं ट्रंप ने भी उन पर तंज कसते हुए अपने समर्थकों के सामने जवाब दिया।
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय नीतियों, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रपति के कामकाज को लेकर बहस तेज हो गई है।
ओबामा ने ट्रंप की नीतियों पर उठाए सवाल
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसॉफ के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ट्रंप प्रशासन की नीतियों की आलोचना की। ओबामा ने कनाडा पर लगाए गए टैरिफ और ईरान से जुड़े अमेरिकी फैसलों को लेकर सवाल उठाए।
ओबामा ने ईरान के साथ जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि स्थिति को लेकर यह दावा नहीं किया जा सकता कि सब कुछ खत्म हो चुका है। उनके बयान का उद्देश्य ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति और उसके प्रभावों पर सवाल उठाना था।
ओबामा की प्रचार में सक्रियता को डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। मध्यावधि चुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति अलग-अलग क्षेत्रों में उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं।
ट्रंप ने ओबामा पर किया पलटवार
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने ओहायो में चुनावी कार्यक्रम के दौरान ओबामा की आलोचना पर प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि ओबामा उनके खिलाफ प्रचार कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि जीत उनकी होगी।
ट्रंप के इस बयान को चुनावी माहौल में अपने समर्थकों का उत्साह बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने अपने भाषण में डेमोक्रेटिक नेताओं पर निशाना साधा और अपनी नीतियों का बचाव किया।
अमेरिका में चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व और मौजूदा राष्ट्रपति के बीच इस तरह की बयानबाजी ने राजनीतिक मुकाबले को और चर्चा में ला दिया है। दोनों पक्षों की कोशिश अपने समर्थकों को लामबंद करने और मतदाताओं के बीच अपनी बात पहुंचाने की है।
5,000 डॉलर देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा
ट्रंप ने चुनावी चर्चा के बीच अमेरिकी नागरिकों को 5,000 डॉलर देने के प्रस्ताव का भी जिक्र किया था। इस विचार के तहत वयस्क नागरिकों को भुगतान देने की बात कही गई थी। इसके लिए टैरिफ से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल किए जाने की संभावना पर चर्चा हुई।
हालांकि, यह प्रस्ताव अपने आप में लागू हो चुकी सरकारी योजना नहीं है। इसके लिए वित्तीय व्यवस्था, पात्रता और लागू करने की प्रक्रिया जैसे सवाल अहम होंगे।
ट्रंप ने अपने भाषण में 5,000 डॉलर की रकम का मजाकिया अंदाज में उल्लेख करते हुए कहा कि उनके मार-ए-लागो रिसॉर्ट में इतनी राशि से केवल एक हैमबर्गर खरीदा जा सकता है। इस टिप्पणी ने उनके भाषण के दौरान लोगों का ध्यान खींचा।
मध्यावधि चुनाव क्यों हैं अहम?
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच होते हैं। इन चुनावों में कांग्रेस के दोनों सदनों की सीटों के लिए मतदान होता है। इनके नतीजे राष्ट्रपति की नीतियों और विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की क्षमता पर असर डाल सकते हैं।
3 नवंबर को होने वाले चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान होना है। इसलिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है।
चुनावी अभियान में अर्थव्यवस्था, व्यापार नीति, टैरिफ, विदेश नीति और सरकारी फैसलों जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। ओबामा और ट्रंप की बयानबाजी भी इसी व्यापक राजनीतिक मुकाबले का हिस्सा है।
प्रचार अभियान में व्यक्तिगत हमले भी तेज
मध्यावधि चुनाव नजदीक आने के साथ दोनों दलों के प्रमुख नेताओं की ओर से एक-दूसरे की नीतियों और राजनीतिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ओबामा ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों की आलोचना की, जबकि ट्रंप ने उनके प्रचार अभियान को अपने पक्ष में संकेत के तौर पर पेश किया।
इस तरह के बयान चुनावी माहौल को गर्माते हैं, लेकिन मतदाताओं के फैसले पर असर कई मुद्दों से पड़ सकता है। अर्थव्यवस्था, रोजगार, महंगाई, विदेश नीति और स्थानीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
फिलहाल, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दल प्रचार अभियान में अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। चुनाव के नतीजे यह तय करने में अहम होंगे कि कांग्रेस में दोनों दलों की स्थिति कैसी रहती है और राष्ट्रपति ट्रंप को अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में कितनी राजनीतिक गुंजाइश मिलती है।



