Shiva Sharma Murder Case: शिवा शर्मा मर्डर मिस्ट्री: गैंग के सरगना से जुड़े थे श्रद्धा दुबे के तार, नागपुर फ्लैट मामले में यूपी के विधायक पर भी शक
Shiva Sharma Murder Case: पुलिस पूछताछ में सामने आए सनसनीखेज खुलासे; श्रद्धा का बैंक अकाउंट सीज, गिरफ्तारी के बीच आरोपी को सता रही थी इंस्टाग्राम फॉलोवर्स की चिंता।
Shiva Sharma Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए बहुचर्चित और सनसनीखेज शिवा शर्मा हत्याकांड मामले में पुलिस की जांच का दायरा जैसे-जैसे विस्तृत हो रहा है, वैसे-वैसे परत-दर-परत कई चौंकाने वाले और अंधेरे राज बाहर आ रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री ने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम जनता को भी झकझोर कर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी मॉडल एवं सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को हिरासत में लेकर पहले अलग-अलग और फिर एक साथ आमنے-सामने बैठाकर लंबी और मैराथन पूछताछ की। पुलिस सूत्रों से मिल रही अंदरूनी जानकारी यह इशारा कर रही है कि इस मामले की जड़ें महज एक व्यक्तिगत विवाद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके तार अंडरवर्ल्ड, अपराध की दुनिया और सियासत के गलियारों तक बहुत गहरे जुड़े हुए हैं।
गैंग के सरगना जुल्फिकार से कनेक्शन और वित्तीय शिकंजा पुलिस की अब तक की तकनीकी और मौखिक जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे के संबंध साल 2024 तक किसी साधारण व्यक्ति से नहीं, बल्कि एक खतरनाक आपराधिक गैंग के सरगना जुल्फिकार के साथ थे। इस खुलासे के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस हत्याकांड या उससे पहले की आपराधिक गतिविधियों में उस गैंग के नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था।
मामले की वित्तीय और आर्थिक कड़ियों को खंगालते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई के तहत श्रद्धा दुबे का एक बैंक अकाउंट भी पूरी तरह से फ्रीज करवा दिया है, जिसमें लगभग 6 लाख रुपये की रकम जमा पाई गई है। पुलिस अब इन पैसों के स्रोत और लेन-देन के इतिहास की बारीकी से जांच कर रही है।
पूछताछ के दौरान अजीबोगरीब रवैया और हाई-प्रोफाइल कानूनी मदद इस पूछताछ के दौरान एक बेहद हैरान करने वाला पहलू यह भी सामने आया कि जहां एक तरफ पुलिस हत्या जैसे संगीन जुर्म और उसके सबूतों को तलाशने में जुटी थी, वहीं मुख्य आरोपी श्रद्धा को इस बात की कोई खास परवाह नहीं थी। उसे पुलिस की पूछताछ या कानूनी शिकंजे से ज्यादा अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के फॉलोवर्स घटने और सोशल मीडिया प्रोफाइल की चिंता सता रही थी। इसके अलावा, जांच में यह बात भी पुख्ता हुई है कि श्रद्धा की गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसके लिए शुरुआती कानूनी मदद और वकीलों का इंतजाम एक पूर्व डीजी (Director General) के वकील के बेटे द्वारा किया गया था, जो इस मामले के हाई-प्रोफाइल दायरे को और अधिक स्पष्ट करता है।
नागपुर फ्लैट कनेक्शन और यूपी के रसूखदार विधायक पर शक की सुई इस पूरे हत्याकांड में सबसे बड़ा और सनसनीखेज मोड़ तब आया जब जांच की आंच नागपुर तक जा पहुंची। पुलिस सूत्रों का दावा है कि नागपुर में श्रद्धा दुबे के रहने और अन्य गतिविधियों के लिए एक फ्लैट का पुख्ता इंतजाम किया गया था। इस फ्लैट की व्यवस्था और फंडिंग के पीछे उत्तर प्रदेश के एक रसूखदार विधायक की संदिग्ध और संशयस्पद भूमिका सामने आ रही है। पुलिस अब इस बात की तस्दीक करने में जुटी है कि क्या इस हत्याकांड के पीछे किसी राजनीतिक हस्ती का सीधा संरक्षण या पर्दे के पीछे का समर्थन प्राप्त था।
आगे की कानूनी कार्रवाई और परिजनों की मांग गौरतलब है कि लखनऊ के पॉश हजरतगंज इलाके में एक अपार्टमेंट की बालकनी से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरकर व्यवसायी शिवा शर्मा की रहस्यमयी मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने शुरू से ही श्रद्धा दुबे और उसके सहयोगियों पर सुनियोजित हत्या, मारपीट और मानसिक रूप से ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
फिलहाल, लखनऊ पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR), बैंक ट्रांजैक्शन, और इन नए राजनीतिक व आपराधिक सुरागों को मिलाकर एक मजबूत चार्जशीट तैयार करने में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो।



