Shiva Sharma Case: श्रद्धा दुबे के मुंबई के गैंगस्टर जुल्फी से कथित संबंधों की जांच, लखनऊ फ्लैट के मालिकों पर भी सवाल
शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में श्रद्धा दुबे के कथित संपर्कों, अवध ग्रीन अपार्टमेंट के फ्लैट के स्वामित्व और हाउस टैक्स रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
Shiva Sharma Case: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। मामले की जांच कर रही पुलिस को श्रद्धा के मुंबई के कथित गैंगस्टर जुल्फिकार यासीन बेहलीम उर्फ जुल्फी से संबंधों के बारे में जानकारी मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट स्थित उस फ्लैट को लेकर भी सवाल उठे हैं, जहां शिवा शर्मा की मौत हुई थी। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, संबंधित फ्लैट श्रद्धा दुबे के बजाय शादाब और इशाक खान के नाम दर्ज है।
मामले में अब पुलिस के साथ विशेष कार्यबल (STF) की भूमिका भी अहम हो सकती है। जांच एजेंसियां कथित आपराधिक संपर्कों, फ्लैट के स्वामित्व और शिवा शर्मा की मौत के पीछे की परिस्थितियों की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। हालांकि, श्रद्धा के कथित संबंधों और हत्या से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच तथा अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
मुंबई के गैंगस्टर जुल्फी से कथित संपर्क की जांच
मीडिया रिपोर्टों में पुलिस जांच के हवाले से दावा किया गया है कि श्रद्धा दुबे का मुंबई आना-जाना था और इसी दौरान उसकी मुलाकात जुल्फिकार यासीन बेहलीम उर्फ जुल्फी से हुई थी। बताया गया है कि दोनों की मुलाकात मुंबई के एक क्लब में हुई और बाद में उनके बीच संपर्क बना रहा।
रिपोर्टों के मुताबिक, जुल्फिकार को मुंबई में कथित तौर पर रंगदारी, अपहरण और ड्रग तस्करी जैसे अपराधों से जुड़े गिरोह का सदस्य या संचालक बताया जाता है। उसके भाई मोहसिन बेहलीम और अन्य सहयोगियों के नाम भी इस नेटवर्क से जोड़े गए हैं। हालांकि, इन आरोपों और श्रद्धा के साथ उसके संबंधों की प्रकृति को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।
बताया गया है कि मुंबई क्राइम ब्रांच ने जुलाई 2026 में जुल्फिकार और उसके भाई समेत कई लोगों को एक बिल्डर से कथित तौर पर 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने या वसूलने के मामले में गिरफ्तार किया था। इस प्रकरण का उल्लेख श्रद्धा से जुड़े कथित संपर्कों की जांच के संदर्भ में किया जा रहा है।
पुलिस के लिए यह पता लगाना अहम होगा कि श्रद्धा और जुल्फिकार के बीच संपर्क किस तरह का था, क्या शिवा शर्मा को किसी ने धमकाया था और यदि धमकियां दी गई थीं, तो उनका इस मामले से क्या संबंध था। केवल किसी व्यक्ति से संपर्क होने के आधार पर किसी अपराध में संलिप्तता साबित नहीं होती। इसके लिए जांच एजेंसियों को स्वतंत्र साक्ष्य जुटाने होंगे।
अवध ग्रीन अपार्टमेंट के फ्लैट पर क्यों उठे सवाल?
इस मामले में दूसरा महत्वपूर्ण पहलू लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट स्थित फ्लैट का है। इसी फ्लैट से कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था। नगर निगम की जांच में कथित तौर पर पता चला कि संबंधित फ्लैट श्रद्धा दुबे के नाम पर दर्ज नहीं है, बल्कि रिकॉर्ड में शादाब और इशाक खान के नाम दर्ज हैं।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, फ्लैट नंबर 04C और 04D को वर्ष 2015 में मिलाकर एक इकाई बनाया गया था। आरोप है कि इस बदलाव के कारण संपत्ति का वार्षिक किराया मूल्य कम दर्ज हुआ और दोनों फ्लैटों का सालाना हाउस टैक्स केवल 1,944 रुपये निर्धारित किया गया।
नगर निगम के जोनल अधिकारी ओपी सिंह के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया है कि संपत्ति पर 36,846 रुपये का हाउस टैक्स और 14,327 रुपये का ब्याज बकाया है। निगम की ओर से संपत्ति का दोबारा कर निर्धारण करने और बकाया वसूली के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
इस संपत्ति के स्वामित्व और कर निर्धारण से जुड़े रिकॉर्ड अब मामले की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगा सकती है कि फ्लैट का वास्तविक उपयोग कौन कर रहा था, श्रद्धा वहां किस आधार पर रह रही थी और संपत्ति के मालिकों का इस पूरे मामले से कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, केवल फ्लैट के मालिक होने या कर बकाया रहने से किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता साबित नहीं होती।
9 अक्टूबर को हुई थी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत
शिवा शर्मा की मौत का मामला 9 अक्टूबर को सामने आया था। रिपोर्टों के अनुसार, कारोबारी का शव श्रद्धा दुबे के फ्लैट से नीचे गिरने के बाद मिला था। घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठे। मृतक की मां ने आरोप लगाया था कि श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और अन्य लोगों ने मिलकर उनके बेटे की हत्या की और उसे फ्लैट से नीचे फेंक दिया।
मां ने यह भी आरोप लगाया कि शिवा शर्मा को माफिया के नाम पर धमकियां दी जा रही थीं। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। मृतक के शरीर पर चोटों के निशान और घटनास्थल से जुड़े विवरण भी जांच का हिस्सा हैं। इन परिस्थितियों के आधार पर मौत को लेकर संदेह जताया गया है, लेकिन हत्या के आरोपों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य जांच परिणामों से होनी है।
शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे समेत अन्य आरोपियों के फरार होने की बात सामने आई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने 20 अक्टूबर को श्रद्धा को नागपुर से गिरफ्तार किया। अब उसे लखनऊ लाकर पूछताछ किए जाने और मामले से जुड़ी अलग-अलग कड़ियों की जांच किए जाने की जानकारी दी गई है।
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STF की जांच से खुल सकते हैं कई सवाल
मामले में अब सबसे अहम सवाल यह है कि शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इस घटना के पीछे किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका थी। जांच एजेंसियों को श्रद्धा के कथित संपर्कों, मृतक को मिली धमकियों, फ्लैट के स्वामित्व और घटना के समय मौजूद लोगों के संबंध में साक्ष्य जुटाने होंगे।
STF की संभावित जांच में कथित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका और अलग-अलग शहरों के संपर्कों की पड़ताल की जा सकती है। हालांकि, जांच की औपचारिक जिम्मेदारी, हिरासत में पूछताछ और आगे की कार्रवाई को लेकर संबंधित अधिकारियों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, शिवा शर्मा की मौत के मामले में कई पहलुओं की जांच बाकी है। श्रद्धा दुबे के खिलाफ लगाए गए आरोप, जुल्फी से कथित संपर्क और फ्लैट से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड—इन सभी की पुष्टि ठोस साक्ष्यों से होनी है। जांच के निष्कर्ष ही स्पष्ट कर सकेंगे कि यह मामला व्यक्तिगत विवाद तक सीमित था या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका भी थी।



